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काम शुरू होने से पहले ही डीपीआर से गायब हो गए 4 ट्रीटमेंट प्लांट सीवरेज सिस्टम पर पार्षदों के सवालों का जवाब ठीक से नहीं दे पाए कंपनी के प्रतिनिधि

BySurendra Jain

Jun 17, 2017

रतलाम। नगर निगम को अमृत योजना के तहत मिले सीवरेज लाइन प्रोजेक्ट की शुरूआत में ही गढ़बढ़ी हो गई है, खुद भाजपा के ही पार्षदों ने ये आरोप लगाए है। योजना के सर्वे से लेकर डीपीआर तैयार होने और इसके शासन से स्वीकृत होने तक की स्थिति में शहर में 6 ट्रीटमेंट प्लांट बनना थे लेकिन अब केवल 2 प्लांट ही बनेंगे। डीपीआर में मंजूरी के योजना में फेरबदल नहीं किया जा सकता है इसके बावजूद सीवरेज लाइन डाल रही कंपनी ने अपनी सुविधा से ही 4 प्लांट कम कर दिए है।

शनिवार को एक होटल में ठेकेदार कंपनी जयवरूड़ी कंस्ट्रक्शन गुजरात और आर्किटेक्ट फर्म अग्रवाल के प्रतिनिधियों ने शहर के  जनप्रतिनिधियों को योजना से जुड़ी जानकारी दी। पार्षद अरूण राव और सीमा टांक ने जब डीपीआर में मंजूरी के बावजूद ट्रीटमेंट प्लांट की संख्या कम कर देने संबंधी सवाल किया तो कंपनी के अधिकारियों का जवाब था- हम दो ही ट्रीटमेंट प्लांट 6 की क्षमता के अनुरूप तैयार करने वाले है। खुद कंपनी के अधिकारियों ने ही यह भी स्वीकार किया है कि सीवरेज लाइन डालने की टेंडर अवधि 3 साल है लेकिन इस काम को पूरा होने में 5 साल लग जाएंगे। शहर में लगभग 136 करोड़ की लागत से तकरीबन 550 किलोमीटर लंबी सीवरेज लाइन बिछाई जाना है।

राज्य योजना आयोग उपाध्यक्ष एवं विधायक रतलाम शहर चेतन्य काश्यप महापौर डॉ0  सुनीता यार्दे निगम अध्यक्ष अशोक पोरवाल पूर्व महापौर शैलेन्द्र डागा पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष बजरंग पुरोहित भाजपा जिला महामंत्री प्रदीप उपाध्याय भाजपा मण्डल अध्यक्ष महापौर परिषद सदस्य पार्षद एल्डरमेन व नागरिकों की उपस्थिति में आयोजित कार्यशाला में अमृत योजना अन्तर्गत संपूर्ण शहर में डाले जाने वाले सीवरेज सिस्टम के बारे में जय वरूडी कन्ट्रक्शन कम्पनी गुजरात के इंजीनियरों नें प्रोजेक्टर के माध्यम से विस्तृत प्रकाश डाला।

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