खबर पक्की: जिला निर्वाचन कार्यालय ने दावा किया था कि निर्वाचन कार्य में लगे कर्मचारियों का मानदेय 28 नवंबर को ही उनके खाते में जमा करवा दिया गया है पर वास्तविकता यह है कि आज 7 दिसंबर होने को आया है और अभी भी सैकड़ों कर्मचारियों का मानदेय उनके खाते में नहीं पहुंचा है सैलाना में व्याख्याता के रूप में कार्यरत शैलजा दवे ने बताया कि उनका निर्वाचन मानदेय आज तक उनके खाते में नहीं आया है इसे प्रकार कस्तूरबा नगर एसबीआई ब्रांच में कार्यरत बैंक कर्मचारी राघव ने बताया कि उनका भी मानदेय उनके खाते में आज तक नहीं पहुंचा है। राघव और शैलजा दवे जैसे बहुत सारे कर्मचारी है जिनका नाम यहां लिखना संभव नहीं है और उनका मानदेय आज दिनांक तक उनके खाते में नहीं पहुंचा है इससे प्रशासन द्वारा किए जा रहे दावे पर स्वयमेव प्रश्न चिन्ह लग रहे हैं। जिला कोषागार अधिकारी से हुई बातचीत के अनुसार निर्वाचन कार्य में लगे 6000 से भी ज्यादा कर्मचारियों का मानदेय उनके खाते में पहुंच चुका है लेकिन जब उनको बताया गया कि बहुत सारे कर्मचारियों का खाते में अभी तक मानदेय नहीं पहुंचा है तो उन्होंने कहा कि इस बारे में आप पेंशन अधिकारी से जानकारी लीजिए क्योंकि बहुत सारे खाते अपडेट नहीं होने की वजह से ऐसा हो सकता है जब खबर पक्की ने कहा कि फिर आप कह रहे हो कि सब के खाते में पहुंचा दिया तो आपके दावे का क्या हुआ तो इस बात का वह कोई जवाब नहीं दे पाए महज वाहवाही लूटने के लिए इस तरह के दावे करना कहां तक ठीक है जबकि वास्तविकता में निर्वाचन कार्य संपन्न होने के 9 दिन बाद तक भी अनेक कर्मचारी मानदेय के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
