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मुख्यमंत्री ने जावरा से किया मिल बांचे अभियान का शुभारंभ

BySurendra Jain

Jun 15, 2017

रतलाम 15 जून/ मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने गुरूवार को जावरा के सुभाष माध्यमिक विद्यालय में अध्यापक बनकर बच्चों के साथ पढ़न-पाठन करते हुए ‘‘मिल बांचे’’कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। उन्होने प्राथमिक कक्षा के विद्यार्थियों को अर्जुन की तरह अपने लक्ष्य को केन्द्रित करते हुए आगे बढ़ने की सीख दी। माननीय मुख्यमंत्री ने बच्चों के शैक्षणिक कौशल और ज्ञान को भी परखा। बच्चों ने माननीय मुख्यमंत्री द्वारा किये गये प्रश्नों के न केवल सहजतापूर्वक बल्कि निर्भिकता से उत्तर देकर साबित कर दिया कि शासन के द्वारा शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार के लिये किये जा रहे प्रयास सार्थक हो रहे है।

माननीय मुख्यमंत्री ने स्कूल चले हम अभियान के राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान ‘‘मिल बाॅचे’’ कार्यक्रम के तहत स्कूलों में स्वैच्छिक तौर पर पढ़ाने के इच्छुक नागरिक के तौर पर पहले अपना आॅनलाईन पंजीयन कराया। कार्यक्रम समाप्ति के उपरांत वे सुभाष माध्यमिक विद्यालय जावरा की प्राथमिक कक्षा के विद्यार्थियों से रूबरू हुए। उन्होने बच्चों के गणित के प्रति रूझान एवं उनके मौजूदा ज्ञान की जाॅच ‘‘पहाड़ा’’ पुछ कर की। मुख्यमंत्रीजी यह जान और महसुस कर बहुत प्रफुलीत हुए कि उनके अध्ययन काल के दौरान जो गुरूजी उनसें तीस तक पहाड़े पुछा करते थे और वे फर्राटे से सुनाया करते थे। आज ठीक उसी प्रकार उमेश गोविन्दराम प्रजापत, रितेश प्रभुलाल खराड़ी, नेहा मनोहरलाल राठौर, तमन्ना मदनलाल राठौर ने भी 5, 6, 7 एवं 8 के पहाड़े बगैर रूकें एक सांस में सुना दिये।

माननीय मुख्यमंत्री ने फिर बच्चों को सर्वश्रेष्ठ धुर्नधारी अर्जुन की कहानी सुनाई। उन्होने बताया कि जो विद्यार्थी तमाम सारी अन्य गतिविधियों को समक्ष में देखते हुए भी अपने लक्ष्य पर ध्यान केन्द्रित करता हैं वह अपने लक्ष्य को हर हाल में प्राप्त कर लेता है। ऐसे विद्यार्थियों को उनके गुरूजन भी सदैव प्यार करते हैं और उनका आशीष उनके साथ बना रहता है जिससे वे अपने जीवन में ऊॅचाईया प्राप्त करते है।

स्कूल बैग और पुस्तकें पाकर बच्चे हुए खुश

‘‘मिल बाॅचे’’ अंतर्गत माननीय मुख्यमंत्रीजी के अध्यापक बनने और उनके द्वारा स्कूल बैग और पुस्तके पाकर बच्चे खुश हुए। बाद में बच्चों ने बताया कि वे बहुत खुश हैं कि प्रदेश के मुख्यमंत्री और उनके मामा ने आज उन्हें अपने हाथों से सबसे बड़े धन रूपी स्कूल बैग और पुस्तकें प्रदान की।

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