शहर के अमृत सागर तालाब संरक्षण की मांग पर नगर निगम एक बार फिर निशाने पर हैं। पुरातत्व बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक मंगलवार को नगर निगम गेट पर धरना प्रदर्शन पर बैठ गए। उनके साथ संघर्ष समित के अन्य सदस्य भी शामिल होंगे।
शहर के अमृत सागर तालाब के शुद्धिकरण, गहरीकरण एवं सौंदर्यीकरण के लिए पुरातत्व बचाओ संघर्ष समिति आंदोलन कर रही हैं। समिति संयोजक मदन शर्मा ने बताया कि इस संबंध में हमने पूर्व में ही प्रशासन के साथ नगर निगम, प्रभारी मंत्री, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य को सूचना दी थी। नगर निगम ने बीते आंदोलन के दौरान अमृत सागर शुद्धिकरण के लिए अलग से कार्ययोजना बनाकर कार्य करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक किसी तरह के कदम नहीं उठाए गए हैं। सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की घोषणा पर भी कोई काम नहीं हो रहा हैं। अब समिति संयोजक मंगलवार से दोबारा धरना दे रहे हैं।
महापौर का आश्वासन भी काम नहीं आया
अमृत सागर तालाब शुद्धिकरण के लिए बीते आंदोलन के दौरान संघर्ष समिति ने महापौर निवास का घेराव कर प्रदर्शन किया था। इस दौरान महापौर डॉ. सुनीता यार्दे ने आश्वस्त कराया था कि अमृत सागर शुद्धिकरण का कार्य जल्द शुरू कर दिया जाएगा। बावजूद इसके अब तक नगर निगम की ओर से तालाब स्थल पर कोई विशेष कार्य नहीं हुआ हैं।
किसी को चिंता नहीं
अमृत सागर तालाब संरक्षण के लिए ट्रीटमेंंट प्लांट का आश्वासन अब तक पूरा नहीं हो पाया हैं। जनप्रतिनिधियों को प्र्राचीन धरोहर से कोई लेना-देना नहीं हैं। अपनी मांग को लेकर आज नगर निगम गेट पर धरना देकर प्रदर्शन किया।- मदन शर्मा, संयोजक पुरातत्व बचाओ संघर्ष समिति
