रतलाम। शहर पुलिस टीम ने ऑपरेशन आनंदम के तहत तीसरे चरण में गुम हुए 50 गुम मोबाइल को बरामद कर रविवार उनके मालिकों को सौंपा है । इन गुम हुए मोबाइल की कीमत करीब 7 लाख रुपए है । पुलिस ने अभी तक आनंदम ऑपरेशन के तहत140 मोबाइल करीब 23 लाख रुपए के बरामद करने में सफ लता प्राप्त की है ।
एस पी अमित सिंह ने बताया कि आज के युग में प्रत्येक व्यक्ति के लिए मोबाइल जरूरी वस्तु बन गई है। जिसके पास न होने से उसे बैचेनी हो जाती है। उसकी कार्य से जुड़ी कई फाइले भी मोबाइल में ही होती है। वर्तमान में मल्टीमीडिया एन्ड्रायड मोबाइल काफी महंगे आते है। जिसे आम आदमी जरूरत समझ कर बड़ी मुश्किल से खरीदता है, जब यह चोरी या गुम हो जाते है। उसके सामने आर्थिक के साथ अन्य कामकाज और सीक्रेट संबंधित समस्या भी खड़ी हो जाती है। सामान्यत: देखा गया है कि थाना पुलिस मोबाइल गुम को लेकर सीरियस नहीं होती है। लेकिन वर्तमान में पुलिस के पास सायबर सेल और फोरेंसिक लेब जैसे मजबूत अंग है जो कि अच्छी तकनीकी मानी जाती है। अगर उसके बाद भी पुलिस गुम मोबाइल नहीं तलाश पाती तो इन सभी तकनीकी से लेस होने का कोई औचित्य नहीं है। हमारा प्रयास है कि जिस किसी का भी मोबाइल चोरी हुआ है। उसे तलाश कर उसके पास पहुंचाया जाए। इसी प्रयास को लेकर आनंदम ऑपरेशन के तहत तीन चरणों में 140 गुम मोबाइल बरामद किए है। जिसके तीसरे चरण में अभी 50 लोगों के मोबाइल तलाश कर उन्हें आज सौंपा गया है।
अन्य राज्यों से भी तलाशे मोबाइल
एसपी सिंह ने बताया कि चोरी हुए मोबाइल इंदौर, उज्जैन, रतलाम, नीमच, झाबुआ, धार एवं राजस्थान के अजमेर, बांसवाड़ा तथा महाराष्ट्र के चिन्नूर और यूपी के आगरा से बरामद किए गए हैं। अधिकांश मोबाइल में गुम मोबाइल है, जिन्हें मिला उन्होंने अज्ञानतावश स्वयं उपयोग करना बताया है। इन सभी ने पुलिस जांच में सहयोग किया है इसलिए इनके विरूद्ध किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है ।
पांच हजार के इनाम से पुरस्कृत
वही अभियान के तहत साइबर सेल के प्रधान आरक्षक लक्ष्मीनारायण सूर्यवंशी, आरक्षक मनमोहन शर्मा, आरक्षक रितेश सिंह, आरक्षक हिम्मत सिंह द्वारा चोरी किए गए मोबाइल की वर्मा बरामदगी में विशेष सराहनीय कार्य हेतु उन्हें 5000 के नाम से पुरस्कृत किया गया है।
इनको मिले मोबाइल
एसपी ने गुम हुए लोगों में अश्विन त्रिवेदी, एएसआई दिनेश नागर, कमल पोरवाल, बद्रीलाल, अर्जुन वर्मा, कुशल पांचाल, एडवोकेट सुनील पारीख, श्याम बाई, महेश गुर्जर, खेतीशरण पाटीदार, शुभम तिवारी, मनोज टांक, पूजा बसोड़, पत्रकार अरूण त्रिपाठी, तेजेंद्र, आशीष, मोहसिन, मंयक राव, देवी सिंह, महिपाल सिंह, आसिफ, नवीन बागड़ा, सद्दाम, भगवतीलाल, मदन पाटीदार, दीपिका खरे, मलय सिंह, सुरभि, शुभम तिवारी, अर्जुन वर्मा, बिहारीलाल टांक, मो. आशिक खान, रामचंद्र मालवीय, बिहारीलाल टांक, जितेंद्र सिंह, राममोही और मीनाक्षी श्रीवास्तव को मोबाइल सौंपे है।
मोबाइल पाकर खिले चेहरे
एडवोकेट सुनील पारीख ने बताया कि उन्हें यकीन हीं नहीं हुआ कि उनका मोबाइल मिल गया है। वह कानवन जा रहे थे। इसी दौरा कार के डेस्क बोट पर मोबाइल रखा था। वहीं से चोरी हो गया था। मोबाइल पुलिस का तलाशना और मिलना एक प्रक्रिया है, लेकिन जिस प्रकार सायबर सेल से सक्रियता की क्रांति आई है। यह रतलाम के लिए अच्छी सौगात की बात है। वहीं पूजा बसोड़ ने बताया कि वह माकण चौक बाजार सामान खरीदने गई थी। इसी दौरान तीन दुकान पर उसने सामान खरीदा था। उसे पता नहीं चला कब उसके पर्स से मोबाइल गिरा या निकला। मोबाइल पर कॉल करने पर फोन उठाया, लेकिन जवाब नहीं दिया। बाद में फोन बंद कर लिया था।
