नामली। मध्य प्रदेश के मुखिया विकास की गाथा गाते है और कई मामलों में मध्यप्रदेश को अमेरिका के वाशिंगटन से बेहतर बताते है किंतु रतलाम ग्रामीण विधानसभा के नामली क्षेत्र की यह तस्वीर उनके सारे दावों पर प्रश्नचिन्ह खड़े करती है जहा मामा किसानों व भांजे व भांजियों के लिए करोड़ों रुपए खर्च करने की बात करते रहते है वही गांव में बच्चो को स्कूल पहुँचाने के लिए ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डाल कर रास्ता पार करवाते है।
हम बात कर रहे है रतलाम जिला मुख्यालय से मात्र 12 किलो मीटर की दूरी पर स्तिथ ग्राम बाजेडा जो नामली टप्पा तहसील के अंतर्गत आता है। जहा आज भी ग्राम के कुछ परिवार वाले पानी के बहते नाले को पार करने के लिए रस्सी का सहारा ले कर अपनी जान जोखिम में डाल कर पार करते है बरसात शुरू होते ही इस रास्ते पर जाने वाले किसान ग्रामीण भी इसी तरह अपने खेत पर जाते है उन परिवार के बच्चो को स्कूल के लिए लाना लेजाना भी पीठ पर बांधने के बाद रस्सी के सहारे पार करते है गुरुवार रात को भगवान सिंह व सुमेर सिंह के परिवार की बेटी को प्रसव पीड़ा होने पर रस्सी के सहारे ही रास्ता पार करवाया गया व शुक्रवार को डिलेवरी हुई अगर इस रास्ते का सहारा नही लेते है तो इन ग्रामीण को कई किलोमीटर पैदल चल कर जाना पड़ता है । ग्रामीणों द्वारा बरसों से मांग के बावजूद इस के लिए पुलिया का निर्माण आज तक नही करवाया गया ग्रामीणों द्वारा मांग के कारण पहले भी कई बार शासकीय टीम पहुच कर देख गई मगर समस्या जस के तस है लगता है खतरों भरी इस जिंदगी में किसी की जान जाने के बाद ही शासन की आंखे खुलेगी।
देखिये जिले में कँहा जिंदगी को दांव पर लगा जीवन के लिये जद्दोजहद करते हैं लोग।
