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खाद वितरण में नई व्यवस्था लागू, कालाबाजारी पर किसानों का आक्रोश; देवेन्द्र सिंह सेजावता के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन

BySurendra Jain

Dec 16, 2025
किसान आंदोलन रतलाम

रतलाम। जिले में खाद की किल्लत और कालाबाजारी को लेकर किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। महू रोड कृषि उपज मंडी स्थित खाद वितरण केंद्र पर किसानों ने किसान नेता देवेन्द्र सिंह सेजावता के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन किया और अव्यवस्थित वितरण प्रणाली पर नाराजगी जताई।

किसानों ने आरोप लगाया कि शासन द्वारा 266.50 रुपये निर्धारित कीमत वाली यूरिया खाद दुकानों पर 350 रुपये तक में बेची जा रही है। किसानों का कहना है कि जहां एक ओर केंद्रों पर खाद उपलब्ध नहीं कराई जा रही, वहीं दूसरी ओर निजी दुकानों पर खुलेआम कालाबाजारी हो रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे।

धरने के दौरान किसानों ने कहा कि खाद के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ता है और कई बार खाली हाथ लौटना पड़ता है। किसानों ने मांग की कि कालाबाजारी करने वाले दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए।

खाद वितरण में नई व्यवस्था लागू-:

इस बीच प्रशासन ने किसानों की परेशानी को देखते हुए खाद वितरण की नई व्यवस्था लागू करने की घोषणा की है। अब किसानों को खाद सीधे वितरण केंद्र से नहीं मिलेगी, बल्कि पहले तहसील कार्यालय से टोकन लेना होगा। टोकन एक दिन पहले दोपहर 2 से 3 बजे के बीच वितरित किए जाएंगे, जिनके आधार पर अगले दिन खाद दी जाएगी।

प्रशासन के अनुसार, इस नई व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को रात में लाइन लगाने की मजबूरी से बचाना और अव्यवस्था को खत्म करना है। 16 दिसंबर को जिले को करीब 1400 मीट्रिक टन यूरिया प्राप्त हुई है, जिसके बाद 17 दिसंबर से खाद वितरण शुरू किया जाएगा।

कृषि विभाग ने किसानों से संतुलित मात्रा में खाद उपयोग करने की अपील की है और कहा है कि यूरिया को दो बराबर हिस्सों में बांटकर फसल की सिंचाई के साथ प्रयोग करें।

हालांकि किसान नेताओं का कहना है कि जब तक कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी और निगरानी तंत्र मजबूत नहीं किया जाएगा, तब तक किसानों की समस्याएं पूरी तरह खत्म नहीं होंगी।

किसान आंदोलन रतलाम

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