रतलाम। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन की रतलाम इकाई ने जिला जेल परिसर में एक प्रेरक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य कैदियों में मानवाधिकार जागरूकता, सकारात्मक सोच और पुनर्वास की भावना को सशक्त करना था।

कार्यक्रम का नेतृत्व जिला अध्यक्ष राजकुमार हरण, जिला उपाध्यक्ष जगदीशचंद्र हरारिया और नगर महिला अध्यक्ष सोनू सोलंकी ने किया। मुख्य अतिथि जिला जेल अधीक्षक लक्ष्मणकुमार सिंह भदौरिया रहे, जबकि विशेष अतिथि के रूप में जिला विधिक सहायता अधिकारी पूनम तिवारी एवं संगठन की प्रदेश उपाध्यक्ष सिंधु राज उपस्थित रहीं।
कैदियों ने प्रेरक संदेशों पर बजाईं तालियाँ -:
मां सरस्वती पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। जिला अध्यक्ष हरण ने कैदियों को मानवाधिकारों की मूल बातें, जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और परिवार की उम्मीदों पर प्रभावी विचार साझा किए। उनके अभिभाषण के दौरान कैदियों ने कई बार तालियाँ बजाकर समर्थन व्यक्त किया।
समाजसेवी असलम भाई ने मानवाधिकार उल्लंघन के इतिहास—विशेषकर वर्ष 1918 और 1940–45 के दौरान हुए गंभीर घटनाक्रमों—पर प्रकाश डाला। जिला विधिक सहायता अधिकारी पूनम तिवारी ने कैदियों को मिलने वाली कानूनी सहायता और अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी।
जेल अधीक्षक की बड़ा घोषणा: “जेल में 365 दिन मानवाधिकारों का सम्मान”-:
मुख्य अतिथि भदौरिया ने कहा कि जिला जेल प्रशासन यह सुनिश्चित करता है कि हर दिन कैदियों के मानवाधिकारों का पालन किया जाए। उन्होंने बताया कि जेल में वर्तमान में 10 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम (VC Rooms) संचालित हैं।
भदौरिया ने संगठन को जावरा और सैलाना जेल में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने का आमंत्रण दिया और पूर्ण प्रशासनिक सहयोग देने की घोषणा की।
कार्यक्रम का संचालन और सहभागिता-:
कार्यक्रम का संचालन नवीन हरारिया ने किया और आभार सोनू सोलंकी ने व्यक्त किया।
इस अवसर पर सहायक जिला जेल अधीक्षक विनोद विश्नोई, जिला मीडिया प्रभारी प्रतीक लोढ़ा, पिपलोदा अध्यक्ष एजाजुद्दीन शेख, वरिष्ठ समाजसेवी असलम भाई, सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत जिला प्रभारी शबाना खान, एवं संगठन के सदस्य निखिल शर्मा, देवेंद्र शर्मा, पिंकी पाटीदार, काजल पाटीदार, आशीष सिंह देवड़ा आदि उपस्थित रहे।
