रतलाम/भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। संगठनात्मक फैसलों के बाद पार्टी में असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। आलीराजपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश पटेल के इस्तीफे के बाद अब रतलाम जिला कांग्रेस अध्यक्ष हर्ष विजय गहलोत ने भी अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। यह इस्तीफा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों की सूची जारी होने के तुरंत बाद सामने आया, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।
ब्लॉक अध्यक्षों की सूची बनी असंतोष की वजह-:
पार्टी सूत्रों के अनुसार, हाल ही में जारी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों की सूची को लेकर कई जिलों में आपत्तियां थीं। रतलाम में भी स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच नाराजगी की चर्चा थी। इसी पृष्ठभूमि में जिला अध्यक्ष हर्ष विजय गहलोत का इस्तीफा सामने आना संगठन के लिए बड़ा संकेत माना जा रहा है।
इस्तीफे में क्या कारण बताए गए-:
हर्ष विजय गहलोत द्वारा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को भेजे गए त्यागपत्र में पारिवारिक दायित्वों और विधानसभा क्षेत्र की जिम्मेदारियों का हवाला दिया गया है। उन्होंने कहा कि इन कारणों से वे जिला अध्यक्ष पद का दायित्व पूरी तरह निभाने में असमर्थ हैं। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषक इसे केवल व्यक्तिगत कारण नहीं, बल्कि संगठनात्मक असंतोष से भी जोड़कर देख रहे हैं।
दो आदिवासी जिलाध्यक्षों का इस्तीफा, बढ़ी चिंता–
आलीराजपुर और रतलाम—दोनों ही जिलों से आदिवासी समाज से जुड़े जिलाध्यक्षों का इस्तीफा सामने आना पार्टी के लिए रणनीतिक रूप से संवेदनशील माना जा रहा है। इससे संगठन में संतुलन और प्रतिनिधित्व को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
प्रदेश कांग्रेस में ‘भूचाल’ के संकेत–
लगातार हो रहे इस्तीफों से यह साफ है कि प्रदेश कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान बढ़ रही है। आने वाले दिनों में अन्य जिलों में भी असंतोष खुलकर सामने आने की आशंका जताई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि पार्टी नेतृत्व जल्द ही स्थिति को संभालने के लिए संवाद और पुनर्गठन पर विचार कर सकता है।
आगे क्या?
अब सबकी नजरें प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व के अगले कदम पर हैं—क्या असंतुष्ट नेताओं को मनाने की कोशिश होगी, या संगठन में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे? फिलहाल, इन घटनाक्रमों ने मध्यप्रदेश की राजनीति में कांग्रेस के भीतर चल रही हलचल को उजागर कर दिया है।
— रिपोर्ट: स्थानीय ब्यूरो

