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ऑनलाइन गेमिंग ऐप के नाम पर साइबर ठगी से रहें सावधान, लालच में पैसा लगाने से बचें, संदिग्ध लेन-देन से बैंक खाता फ्रीज होने का भी खतरा

BySurendra Jain

Sep 14, 2026

खबर पक्की, 14 सितंबर, रतलाम। ऑनलाइन गेमिंग ऐप के नाम पर बढ़ रही साइबर ठगी और गेमिंग प्लेटफॉर्म से जुड़े संदिग्ध वित्तीय लेन-देन को लेकर रतलाम साइबर सेल ने आमजन को सावधान किया है। पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पन्द्रो के मार्गदर्शन में साइबर सेल द्वारा समय-समय पर साइबर अपराधों से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की जा रही है।
साइबर सेल के अनुसार अपराधी सोशल मीडिया, वाट्सऐप, टेलीग्राम, एसएमएस और अन्य माध्यमों से आकर्षक ऑनलाइन गेमिंग ऐप, बेटिंग प्लेटफॉर्म तथा कम समय में अधिक पैसा कमाने का लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। शुरुआत में छोटे अमाउंट का लाभ दिखाकर विश्वास जीता जाता है और इसके बाद बड़ी राशि जमा कराई जाती है।
बोनस और मुनाफे का लालच देकर करते हैं ठगी
अपराधी ऑनलाइन गेम खेलने पर बोनस और भारी मुनाफे का लालच देते हैं। इसके बाद फर्जी वेबसाइट या ऐप पर रजिस्ट्रेशन करवाकर वॉलेट में पैसा जमा करने के लिए कहा जाता है। राशि निकालने के समय टैक्स, सिक्योरिटी फीस, प्रोसेसिंग फीस या केवाईसी शुल्क के नाम पर अतिरिक्त रकम मांगी जाती है। कई मामलों में फर्जी लिंक या एपीके के माध्यम से मोबाइल में संदिग्ध ऐप इंस्टॉल करवाने का प्रयास भी किया जाता है।
साइबर सेल ने बताया कि गेमिंग या बेटिंग के नाम पर प्राप्त रकम को अलग-अलग बैंक खातों, यूपीआई आईडी या वॉलेट में ट्रांसफर करवाया जा सकता है।
संदिग्ध लेन-देन से बैंक खाता हो सकता है फ्रीज
ऑनलाइन गेमिंग ऐप में दिखाई देने वाला मुनाफा उसकी वैधता या वास्तविक कमाई का प्रमाण नहीं है। यदि गेमिंग ऐप में जमा राशि या कथित मुनाफे को बैंक खाते में विड्रॉल किया जाता है और संबंधित लेन-देन किसी साइबर अपराध से जुड़े संदिग्ध खाते या ट्रांजेक्शन से लिंक पाया जाता है, तो बैंक खाते पर होल्ड, फ्रीज या अन्य बैंकिंग प्रतिबंध लग सकता है।
इसलिए किसी भी ऑनलाइन गेमिंग या अन्य ऐप में पैसा लगाने अथवा वहां से राशि अपने बैंक खाते में प्राप्त करने से पहले उसकी विश्वसनीयता और वैधता की जांच करना जरूरी है।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें कॉल
यदि ऑनलाइन गेमिंग या किसी अन्य माध्यम से साइबर ठगी हो जाए तो बिना देर किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। साथ ही नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज करें। समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम को रोकने की संभावना बढ़ सकती है।
साइबर सेल की अपील
रतलाम साइबर सेल ने आमजन से अपील की है कि ऑनलाइन गेमिंग, मनोरंजन या वैध गतिविधि के नाम पर किसी भी अनजान प्लेटफॉर्म पर आंख मूंदकर पैसा ट्रांसफर न करें। लालच, जल्दबाजी और बिना सत्यापन किया गया छोटा-सा डिजिटल लेन-देन भी बड़ी आर्थिक और कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है। सतर्क रहें और सुरक्षित रहें।

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