रतलाम कलेक्ट्रोरेट के एटीएम से चोरी गए 21.02 लाख रुपए बरामद*
रतलाम,5 सितम्बर। पुलिस ने कलेक्ट्रोरेट परिसर स्थित एसबीआई के एटीएम से 21 लाख 16 हजार रुपए की चोरी का 72 घंटो में पर्दाफाश कर दिया। इस वारदात के मास्टर मांइड सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे 21 लाख 2 हजार रुपए भी बरामद कर लिए। दो आरोपी रुपए लोड करने वाली राईटर सैफ गार्ड कंपनी के कर्मचारी निकले। उन्होंने योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया।
मंगलवार दोपहर पुलिस अधीक्षक अमित सिंह ने पुलिस नियंत्रण कक्ष में वारदात को खुलासा करते हुए बताया कि शनिवार दोपहर एसबीआई के शाखा प्रबंधक रामनिवास विजयवर्गीय ने एटीएम से 21 लाख से अधिक रुपए चोरी होने की रिपोर्ट की थी। पुलिस ने वारदात के मास्टर माइंड कमलेश पिता शंकरलाल मालवीय, उम्र 25 वर्ष, हरिओम पिता रमेशचंद्र मालवीय, उम्र 27 वर्ष, हरिओम पिता कालूराम मालवीय, उम्र 27 वर्ष और अनिल पिता भेरुलाल चौहान, उम्र 27 वर्ष, सभी निवासी ग्राम धामेड़ी थाना पिपलौदा को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की राशि बरामद कर ली है।
एसपी के अनुसार आरोपी कमलेश वारदात का मास्टर माइंड है और वह हरिओम पिता रमेशचंद्र के साथ एटीएम में रुपए लोड करने वाली एजेंसी राईटर सैफ गार्ड में कर्मचारी है। कमलेश जावरा क्षैत्र तथा हरिओंम रतलाम क्षैत्र के एटीएम में रुपए लोड करने का काम करता था। कमलेश ढाबा भी चलाता है, जहां एक और आरोपी हरिओम पिता कालूराम काम करता है। चौथा आरोपी अनिल इनके गांव का है। चारों आरोपियों ने कमलेश के ढाबे पर एटीएम से रुपए चोरी करने की योजना बनाई। इसके तहत रतलाम के एटीएम में पैसा डालने वाले हरिओम ने कमलेश को पासवर्ड बताया था। वारदात वाले दिन कमलेश और हरिओम पिता कालुराम बाइक से कलेक्ट्रोरेट स्थित एटीएम पर गए। उन्होने बाइक की नम्बर प्लेट भी बदली और 1 सितम्बर को रात 8 बजे घटना को अंजाम दिया। दोनों आरोपियों ने एटीएम से 21 लाख 16 हजार रुपए चोरी कर उन्हें चौथे आरोपी अनिल पिता भेरुलाल चौहान के धामेड़ी स्थित घर में छुपा कर रख दिया। वारदात के दूसरे दिन आरोपियों ने चोरी की राशि का बंटवारा भी कर लिया था।
*छोटी गलतियों पर पर्दा डला तो बड़ी कर डाली*
एसपी ने बताया कि वारदात का मास्टर माइंड कमलेश एटीएम में पहले भी छोटी-मोटी अनियमितता कर चुका है। उसकी एजेन्सी छोटी-मोटी रकम कम पडऩे पर अपने स्तर पर भरपाई कर देती थी, जिससे उसकी हिम्मत बढ गई। उसने मकान बनाने के लिए बड़ा हाथ मारने की योजना बनाई और सोचा कि एजेन्सी के भरपाई कर देने पर भी इस बार भी बात बाहर नहीं आएगी। बैंक ने चोरी की रिपोर्ट की और पुलिस जांच शुरु हुई तो घेराबंदी से घबराकर आरोपियों ने वकील के माध्यम से कोर्ट में पेश होने के प्रयास शुरु कर दिए। पुुलिस ने मुखबिर से जानकारी मिलते ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे चोरी की राशी बरामद कर ली।
*पुलिस दल को दस हजार का पुरस्कार*
एटीएम में चोरी के इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करने में स्टेशन रोड थाना प्रभारी अजय सारवान, एसआई रामसिंह खपेड़, एएसआई आशीष पाल, ईशाक मो. खान, सुखेड़ा चौकी प्रभारी लोकेन्द्रसिंह डाबर, आरक्षक योगेन्द्रसिंह जादौन, धर्मेन्द्र जाट, राहुल जाट, दिनेश, सुशील त्यागी, युसुफ मंसुरी, अरविंद बारिया, संदीप चौहान, महेन्द्र, महेन्द्र सिंह, उदयसिंह, सायबर सेल के लक्ष्मीनारायण, मनमोहन , हिम्मत सिंह की भूमिका रही। एसपी ने इस टीम को दस हजार का पुरस्कार देने की घोषणा की है। इस दौरान एएसपी गोपाल खांडेल,सीएसपी विवेक सिंह चौहान आदि मौजूद थे।
