खबर पक्की; 2 अक्टूबर रतलाम, नाबालिग स्कूली छात्रा से दुष्कर्म के मामले को रतलाम पुलिस ने जघन्य और सनसनीखेज मामला मानते हुए चिन्हित अपराध की श्रेणी में रखा है । पुलिस ने जहां इस मामले में पिछले दिनों विवेचना के बाद धाराएं बढ़ाई है ,वही न्यायालय की अनुमति के बाद बाल अपचारियों से पूछताछ भी की है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में बाल अपचारियों ने घटना के दिन पीड़िता के घर से रुपए चोरी करने की बात भी स्वीकार की है ,जिसकी पृथक से जांच की जा कर दोनों के खिलाफ धारा 380 का इजाफा भी किया जाएगा । इस मामले में एसपी द्वारा गठित एसआईटी ने जांच के दौरान कई भौतिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्य भी एकत्रित किए हैं,जिससे आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत एकत्रित हुए हैं।
बुधवार शाम को पुलिस कंट्रोल रूम पर आयोजित पत्रकार वार्ता में एसपी गौरव तिवारी ने यह जानकारी दी। एसपी ने बताया कि उनके द्वारा मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी की विवेचना में संकलित साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए कई धाराओं मेें इजाफा किया गया है, जिसमें दोषसिध्द होने पर आरोपियों को मृत्युदंड या आजीवन कारावास तक की सजा भी मिल सकती है। पुलिस मामले में शामिल बाल अपचारी को अबोध श्रेणी में न मानते हुए व्यस्क अपराधी की तरह ट्रायल किए जाने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई कर रही है। इस मामले में अभी तक 7 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एसपी गौरव तिवारी ने बताया कि घटना को अंजाम देने वाले दोनों बाल अपचारियों को न्याय बोर्ड के सामने पेश करने के बाद बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। बाल अपचारी का पुलिस रिमांड लेने का कोई विधिक प्रावधान नहीं है, लेकिन पुलिस और अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के सामने दोनों बाल अपचारी से पूछताछ की अनुमति के आवेदन लगाया। जिसके बाद न्यायालय ने पुलिस को विधि विरुद्ध बालको से दोबारा पूछताछ करने का अवसर एवं वॉइस सैंपल लेने के लिए बाल संप्रेषण गृह से बाहर निकालने की अनुमति दी थी। पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि दोनों बाल अपचारीयो ने पीड़िता के यहाचोरी की वारदात भी कबूल कर ली है।
गैंगरेप आरोपियों ने अपराध और चोरी की बात कबूली अभी भी कई लोग राडार पर: एस पी रतलाम
