खबर पक्की : 14 अगस्त रतलाम,माननीय उच्च न्यायालय के प्राधिकारियों का कानून के उल्लंघन में मनमाना रवैया, यदि अवैध रूप से सेवानिवृत्त किया गया है तो कम से कम नियमानुसार सेवानिवृत्त के पश्चात समस्त राशि का अनिवार्य सेवानिवृति के नियमानुसार भुगतान करे, कानून के अनुसार जानबूझकर जिसके द्वारा लापरवाही की जा रही है, उसे प्रताड़ित करे, किन्तु न तो विभागीय जांच विगत 1 वर्ष से अधिक समय से की जा रही है, और न ही ग्रेच्युटी व पेंशन की राशि का नियमानुसार भुगतान किया जा रहा है उक्त आरोप हाई कोर्ट द्वारा सेवानिवृत्त किए गए न्यायाधीश राजेंद्र श्रीवास ने लगाए उन्होंने कहा कि उन्हें जबरन सेवानिवृत्त किया गया इसका एक ही उद्देश्य कतिपय प्राधिकारियो का लगता है की किस तरह प्रार्थी को प्रताड़ित व परेशान किया जावे। जिसके संबंध में विनम्र अनुरोध है कि यदि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 26/08/2019 तक पेंशन व ग्रेच्युटी की राशि का भुगतान नही किया गया तो मजबूर होकर दिनांक 27/08/2019 से माननीय उच्च न्यायालय के गेट नंबर 3 के सामने सत्याग्रह प्रारम्भ किया जावेगा, क्योंकि विगत 16 माह बीत जाने के बाद भी तथा कई बार अभ्यावेदन व निवेदन करने के बावजूद नियमानुसार पेंशन व ग्रेच्युटी की राशि को अनावश्यक रूप से विभागीय जांच लंबित होने के आधार पर रोकी गई है।
