रतलाम। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता गौरव पांचाल ने बताया की याचिकाकर्ता मुकेश तरता निवासी कुकड़ेश्वर जिला नीमच ने वर्ष 2015 मेंं एक लड़की से प्रेम विवाह किया था। इसके बाद से कुशवाह समाज के अध्यक्ष सुरेश कछावा, तुलसीराम कछावा द्वारा समाज के अन्य लोगों के साथ मिलकर मुकेश और उसके परिजनों को परेशान करना शुरू कर दिया उन्हें समाज से बहिष्कृत करवा दिया। इतना ही नहीं उन्हें समाज मेंं बहाल कराने के नाम पर रुपयों की मांग की गई एवं सामाजिक और मानसिक स्तर पर परेशान किया।
इस मामले मेंं मुकेश और उसके परिजनों ने पोलीस से मदद मांगी, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद मुकेश तरता ने अधिवक्ता गौरव पांचाल के माध्यम से माननीय उच्च न्यायालय इंदौर के समक्ष समाज के अध्यक्ष सुरेश, तुलसीराम और पोलीस के वरिष्ठ अधिकारियों के विरूध्द याचिका प्रस्तुत की जिसमें माननीय उच्च न्यायालय द्वारा इन्हें नोटीस जारी कर ज़वाब मांगा था।
जिसके बाद नीमच पोलीस सकते मेंं आई और ताबड़तोड़ पोलीस के अनुविभागिय अधिकारी टी.आर. अंब मनासा जिला नीमच द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष ज़वाब प्रस्तुत कर बताया की प्रकरण की गंभीरता को देखते हुवे प्रथम दृष्टया समाज के अध्यक्ष सुरेश कछावा और पंच तुलसीराम कछावा के विरुद्ध दिनांक 24-6-19 को धारा 384 भादवि के अंतर्गत पोलीस थाना कुकड़ेश्वर द्वारा एफआई आर दर्ज कर ली गई हें। जिसका अपराध क्रमांक 136/2019 हें। एफआईआर और प्रस्तुत ज़वाब की प्रति संलग्न हें।
प्रेम विवाह करने वाले दंपति को परेशान करने वाले समाज के अध्यक्ष एवं पंच पर पुलिस ने की एफआईआर दर्ज
