खबर पक्की: 10 मई मुंबई, आम तौर पर क्रिकेट पर सट्टा लगाने वाले सटोरिए इन दिनों लोकसभा चुनाव पर भी जमकर सट्टा लगा रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक पांचवे चरण का चुनाव खत्म होने तक 85 हजार करोड़ रुपये का सट्टा लग चुका है।बीजेपी सटोरियों की फेवरेट है, हालांकि अकेले दम पर वह सरकार बना पाएगी, ऐसा सटोरियों को भी नहीं लगता।
लोकसभा चुनाव का पांचवे चरण का मतदान खत्म हो चुका है, लेकिन सरकार किसकी बनेगी, इस पर सस्पेंस बरकरार है। अच्छे-अच्छे राजनीतिक विश्लेषक भी जनता की नब्ज़ पकड़ नहीं पा रहे हैं। ऐसे में सटोरियों की चांदी है। ‘अबकी बार किसकी सरकार’ पर बड़े पैमाने पर सट्टा लग रहा है। सट्टा बाजार सूत्रों की मानें तो देश भर में अब तक तकरीबन 85 हजार करोड़ रुपये का सट्टा लग चुका है।
गौरतलब है कि सरकार बनाने के लिए 543 सदस्यों वाली लोकसभा में 272 सीटों की ज़रूरत होगी। लेकिन कोई एक पार्टी अकेले दम पर इतनी सीटें ला पाएगी, ऐसा नहीं लग रहा है। सटोरिए भी बीजेपी को सबसे बड़ी पार्टी तो मान रहे हैं लेकिन बिना पूर्ण बहुमत के आने की संभावना जता रहे हैं। सटोरियों की मानें तो बीजेपी को 248 से 250 सीटें मिल सकती हैं. लेकिन भाव कम से कम 235 सीटों से खुला है।
किस पर कितना भाव
लोकसभा की 235 सीटों पर बीजेपी का भाव 32 पैसे है, तो 240 सीटों पर 52 पैसे। 245 पर 82 और 250 पर एक रुपया 5 पैसा है।जबकि कांग्रेस का भाव 60 सीटों से खुला है। 60 सीटों पर 28 पैसे है तो 70 पर 80 पैसा, 75 सीटों पर एक रुपया और 80 सीटों के लिए 1.30 पैसा का भाव है।
सट्टा बाज़ार को करीब से जानने वाले पत्रकार विवेक अग्रवाल का कहना है चुनाव में पार्टियों की हार-जीत के आकलन का सटोरियों का अपना तरीका है जिसमें जनता से लेकर राजनीतिक विश्लेषक और शेयर बाजार का भी एक बड़ा आधार रहता है।
सबसे ज्यादा सीटों के लिए बीजेपी का भाव जहां सबसे कम सिर्फ 32 पैसा है वहीं अकेले दम पर सरकार बनाने पर 3 रुपये 50 पैसा है। जबकि सहयोगी पार्टियों के साथ सरकार बनाने यानी एनडीए का भाव सिर्फ 12 पैसा है। वहीं 272 सीटों के लिए कांग्रेस का भाव 100 रुपये है। यूपीए, यानी कांग्रेस गठबंधन सरकार बनाने पर 50 रुपये है। सटोरियों की नजर में महागठबंधन तीसरे नबंर पर है। सरकार बनाने के लिए महागठबंधन का भाव 80 रुपये खुला है।
