खबर पक्की, 5 नवंबर, रतलाम। न्यायालयीन कार्यों में लापरवाही और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना करना एक शासकीय कर्मचारी को भारी पड़ गया। कलेक्टर अजय कटेसरिया ने तहसील रतलाम (ग्रामीण) में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 मुकेश शर्मा की आगामी दो वार्षिक वेतनवृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोकने की शास्ति अधिरोपित की है। कर्मचारी पर आरोप था कि उसने अपील प्रकरण में बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद अधीनस्थ न्यायालय का रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया, जिससे न्यायालयीन प्रक्रिया प्रभावित हुई और प्रकरण के निराकरण में अनावश्यक विलंब हुआ।
मामला तहसील टप्पा मुंदड़ी में तत्कालीन रीडर के पद पर पदस्थापना के दौरान का है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), रतलाम ग्रामीण के न्यायालय में नंदू मईड़ा विरुद्ध रामलाल नाम से अपील प्रकरण विचाराधीन था। इस प्रकरण में अधीनस्थ न्यायालय का अभिलेख तलब किया गया था, लेकिन संबंधित कर्मचारी द्वारा बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद रिकॉर्ड न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके चलते अपील के निराकरण में देरी हुई।
नोटिस मिलने के बाद भी नहीं दिया जवाब
मामले में एसडीएम (राजस्व), रतलाम ग्रामीण द्वारा 7 जुलाई 2026 को संबंधित कर्मचारी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया था। इसकी तामीली 8 जुलाई को हो गई थी, लेकिन निर्धारित समय-सीमा में कर्मचारी ने अपना कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया। इस तरह न्यायालयीन कार्य में लापरवाही के साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की भी अनदेखी सामने आई।
नियमों के तहत की गई कार्रवाई
प्रकरण के तथ्यों और उपलब्ध आधारों पर कलेक्टर अजय कटेसरिया ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 10 (चार) सहपठित नियम 16 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए मुकेश शर्मा की आगामी दो वार्षिक वेतनवृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोकने का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही प्रकरण समाप्त कर दिया गया है।
काम में लापरवाही पर कलेक्टर सख्त, रोकी दो वेतनवृद्धियां, अपील प्रकरण में बार-बार निर्देश के बावजूद पेश नहीं किया अधीनस्थ न्यायालय का रिकॉर्ड, कारण बताओ नोटिस का जवाब देना भी जरूरी नहीं समझा
