रतलाम। सैलाना रोड़ स्थित ग्राम डेलनपुर में किसान आंदोलन के दौरान हुए हंगामे और बलवे के 21 दिन बाद जिले के विधायकों को डेलनपुर के ग्रामीणों की याद आई। जिले के पांचो भाजपा विधायक एक साथ डेलनपुर पहुंचे और ग्रामीणों से बात की। ग्रामीणों ने इनसे शिकायत की- पुलिस हम पर दबाव बना रही है, घटना के लिए दोषी अधिकारियों को जिले से तत्काल हटाया जाए।
जिले के सभी विधायक रविवार को मीडिया के एक कार्यक्रम में शहर में एकत्रित हुए थे, यहां से दोपहर करीब 2.30 बजे चेतन्य काश्यप, मथुरालाल डामर, जितेंद्र गेहलोत, संगीता चारेल औरर डा. राजेंद्र पांडे एक साथ डेलनपुर गांव पहुंचे। गांव की एक धर्मशाला में सभी ने गांव के लोगों के साथ बैठक की। ग्रामीणों ने विधायकों को बताया कि पुलिस ने कई लोगों को बलवे के प्रकरण में झूठा आरोपी बना लिया है, निर्दोष लोगों को डराया जा रहा है। इन लोगों ने 4 जून की शाम हुए घटनाक्रम के लिए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। विधायकों ने इन्हें आश्वस्त किया है कि किसी भी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, इसके अलावा यदि प्रशासनिक या पुलिस से जुड़े किसी अधिकारी की भी गलती रही होगी तो उसके खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि जिले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के आगमन से ठीक पहले 4 जून की शाम डेलनपुर में किसान आंदोलन हिंसक हो गया था और भीड़ ने पुलिस के वाहनों में भी आग लगा दी थी, एक पुलिसकर्मी गंभीर रूप से जख्मी भी हुआ था। इस मामले में पुलिस ने किसान नेता डी.पी. धाकड़ सहित करीब 150 लोगों को आरोपी बनाया है।