मुंबई। कर्नाटक और पंजाब के बाद महाराष्ट्र की सरकार ने भी किसानों का कर्जा माफ करने की घोषणा कर दी है। महाराष्ट्र में किसानों का डेढ़ लाख रूपए तक का कर्जा माफ किया जाएगा। इस दायरे में राज्य के 90 प्रतिशत तक किसान आ रहे है। ताजा फैसले से सरकार पर 34 हजार करोड़ रूपए का भार आएगा।
देश में शुरू हुए किसान आंदोलन के परिणाम स्वरूप पंजाब, कर्नाटक और अब महाराष्ट्र की सरकार द्वारा कर्जा माफ किए जाने की घोषणा ने मध्यप्रदेश में भी शिवराज सिंह सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। महाराष्ट्र भाजपा शासित पहला ऐसा राज्य है जिसने कर्जा माफी की घोषणा की है। महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज कृषि सेवा सम्मान योजना के तहत किसानों को कर्ज से मुक्ति दी जाएगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अनुसार कर्जा माफी का जो बोझ सरकार पर आएगा, उसे अन्य खर्चो में कटौती कर पूरा किया जाएगा। सरकार ने यह भी फैसला किया है कि जो किसान नियमित रूप से कर्ज भरते है, उन्हें भी 25 प्रतिशत रिटर्न किया जाएगा।
