नई दिल्लीः भारतीय रेल जल्द ही आधुनिक से अत्याधुनिक होने की स्थिति में आ रही है। रेल्वे में चल रहे सुधारों के तहत यात्री आने वाले दिनों में हाइस्पीड इंटरनेट, ऑन डिमांड वीडियों और दूसरे ऑनलाइन इंटरटेंनमेंट का मजा ले सकेंगे।
ट्रेन की मॉनिटरिंग और पैसेंजर्स के आरामदायक सफर के लिए रेलवे हाईस्पीड मोबाइल कम्युनिकेशन कॉरिडोर तैयार कर रहा है। महकमे को उम्मीद है कि इससे ट्रेन ऑपरेशन में भी सुधार होगा। रेल मंत्रालय के मुताबिक, मेन रूट्स पर 2541 किलोमीटर में नए कम्युनिकेशन सिस्टम ने काम शुरू कर दिया है जबकि 3408 किलोमीटर रूट पर इसका काम तेजी से चल रहा है।
रेल्वे बोर्ड के एक सदस्य के मुताबिक इस सिस्टम से रेलवे के कर्मचारी (गैंगमेन) लोको पायलट और स्टेशन मास्टर को ट्रैक के हालात की सीधी जानकारी दे सकेंगे। इससे ट्रेन ऑपरेशन में सुधार होगा । कम्युनिकेशन कॉरिडोर बनाने के लिए रेल मंत्रालय ने एक कंपनी को जिम्मा सौंपा है। यह कॉरिडोर 5000 करोड़ की लागत से पी.पी.पी. मॉडल के तहत डेवलप किया जा रहा है। ट्रेन ऑपरेशन के लिए रेलवे फिलहाल वायरलेस सिस्टम का इस्तेमाल करता है। GSM-R नेटवर्क के जरिए ड्राइवर और कंट्रोलर किसी ट्रेन का रूट तय करते हैं ।
