खबर पक्की: जिले के तीन टिकट कांग्रेस ने अभी तक घोषित किए है सिर्फ सैलाना मैं कांग्रेस ने जनाधार वाले व्यक्ति को टिकट दिया है। जबकि जावरा में भाई भतीजा वाद के आधार पर महेंद्र सिंह कालूखेड़ा के भाई के के सिंह को टिकट दिया है जिनका क्षेत्र में व्यक्तिगत तौर पर कोई योगदान नहीं है सिर्फ महेंद्र सिंह कालूखेड़ा का भाई होने के कारण टिकट दिया है। जबकि उन से कहीं ज्यादा जनाधार वाले व्यक्ति युसूफ कडपा, हमीर सिंह राठौर,डीपी धाकड़ टिकट की दौड़ में थे लेकिन उनको नजरअंदाज कर केके सिंह को टिकट दिया गया जो कि कांग्रेस के लिए आत्मघाती साबित होगा। केके सिंह कृषि विज्ञान केंद्र कालूखेड़ा के चेयरमैन भी है और वहां इनकी कार्यशैली से महेंद्र सिंह कालूखेड़ा भी नाराज रहते थे और इस नाराजगी के चलते एक बार इन्होंने चेयरमैनशिप पद से इस्तीफा दे दिया था। कृषि विज्ञान केंद्र कालूखेड़ा काफी समय से विवादों के घेरे में है प्रदेश में सरकार बनाने के सपने पाले बैठे कांग्रेसी इस तरह टिकट बांटकर कैसे सरकार बनाएंगे इस की जनता में चर्चा है इसी प्रकार रतलाम ग्रामीण में कई योग्य उम्मीदवार थावर भूरिया, सविता भाभर, लष्मी खराड़ी,किशन सिंघाड़ को छोड़ कर एक नोकर शाह को टिकिट दिया है जिससे पार्टी के नियमित कार्यकर्त्ता जो लगातार अपना खून पसीना खर्च कर क्षेत्र में कांग्रेस को जिंदा रखे हुए थे को बड़ी निराशा हुई है और बगावत के सुर सुनाई दे रहे हैं जिसका खामियाजा कांग्रेस को निश्चित तौर पर उठाना पड़ेगा टिकट आने के पहले जो सीटें कांग्रेस के पक्ष में झुकती दिखाई देती थी अब वे भाजपा के पक्ष में झुकती दिखाई देने लगी है। और नाराज कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय पर पहुंचकर वरिष्ठ नेताओं की मुर्दाबाद कर रहे हैं जो कांग्रेस के लिए चिंता का सबब होना चाहिए।
