खबर पक्की : पिपलोदा । स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत विधवा महिला कर्मचारी को आवंटित मकान को गुंडो की तर्ज पर जबरन खाली कराने दूसरे विभाग के अधिकारी दलबल के साथ शनिवार को जा धमके। मामला पिपलौदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिपलोदा में कार्यरत महिला वार्ड ब्वॉय सरोज भेरिया का है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिपलोदा में कार्यरत महिला वार्ड ब्वॉय सरोज भेरिया के द्वारा स्वास्थ्य विभाग की अनुमति पर विभाग के खाली पड़े भवन जहां पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लगता था। इस जर्जर भवन को 3 माह पूर्व यहां रहने के लिए करीब बीस हजार के निजी खर्च से मरम्मत करवा कर पिछले 3 माह से यहां पर रह रही है । महिला बाल विकास के परियोजना अधिकारी प्रतीक झाला के द्वारा 29 अक्टूबर को कलेक्टर का हवाला देते हुए उक्त भवन को खाली करवाने के लिए नोटिस भेजा गया और भवन को जल्द खाली करने को कहा।
चार दिन बाद 3 नवंबर शनिवार को सुबह करीब 11 बजे जिला परियोजना अधिकारी सुषमा भदोरिया, प्रतीक झाला एवं महिला बाल विकास के 8- 10 कर्मचारी पुराने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और महिला वार्ड ब्वॉय सरोज को भवन खाली करने के लिए दबाव बनाने लगे ओर एक भवन में लगा ताला तोडऩे लगे जिस पर महिला कर्मचारी ने विरोध किया ।
हंगामा होते देखकर आसपास के लोग भी एकत्र हो गए जिस पर जबरन खाली करवाने पहुंचे महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी खिसक लिए ।
धमकाकर खाली करवा रहे थे
सीएमएचओ या बीएमओ विभागीय पत्र देकर या मौखिक आदेश देगें या कोई दूसरा भवन उपलब्ध करवाए तो भवन को खाली कर देगी।
जब तक मुझे कमरा नहीं मिलता मैं अपने पोते और बेटे को लेकर परिवार को लेकर कहां जाऊं। मैने जर्जर पड़े भवन में मात्र 3 माह पूर्व बीस लगाकर मरम्मत करवाई है, मै विधवा हूं और पोता मात्र 2 माह का है । स्वास्थ्य विभाग के भवन में अनुमति से ही रह रही हूं लेकिन महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी गुंडो की तरह धमका कर ताला तोडऩे लगे , जिसका विरोध किया है।
सरोज भेरिया, महिला वार्ड ब्वॅाय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र किसी को परेशान करना उद्देश्य नही, विभाग में जगह की कमी किसी को परेशान करना हमारा उद्देश्य नहीं वर्तमान में महिला बाल विकास कार्यालय का कोई भवन नहीं है इसलिए जर्जर हो रहे स्वास्थ्य विभाग के भवन में कार्यालय चल रहा है ,जगह की कमी के कारण कलेक्टर को अवगत करा कर पुराने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन की मांग की गई थी जिस पर की सहमति पर भवन को खाली करने का नोटिस वार्ड बॉय को दिया गया था खाली नहीं करने की स्थिति में जिला परियोजना अधिकारी के साथ भवन को खाली करवाने पहुंचे थे।
