ख़बरपक्की: केंद्र की मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के न्याय पूर्ण फैसले को बदलते हुवे SCST एक्ट में जो बदलाव किया है वह सिर्फ और सिर्फ 2019 के चुनाव में अपनी पार्टी की कमजोर पड़ती स्तिथि को मजबूत बनाने के लिये वोट बैंक की राजनीति के तहत यह बदलाव किया है ताकि इन वर्गों के वोट थोकबंद रूप में कबाड़े जा सके। ख़बरपक्की द्वारा फ़ेसबुक पर करवाये गये सर्वे में 72 जनता ने माना कि मोदी सरकार द्वारा उक्त संशोधन सिर्फ वोट की राजनीति के तहत किया गया है सर्वे में स्पष्ट रूप से यह कहा गया था कि जो देश भक्त है और देश के हित मे सोचता है न कि अपनी जाति या समाज हित मे वही इस सर्वे में हिस्सा ले 72 प्रतिशत जनता जिसमे कुछ प्रतिशत वे लोग भी है जिन्हें इस संशोधन से फायदा मिल रहा है लेकिन उसके बावजूद देशहित में उन्होंने कहा कि यह संशोधन मोदी सरकार द्वारा वोट की राजनीति के तहत किया गया है अन्यथा सुप्रीम कोर्ट का फैसला गुण दोष के आधार पर आया था और उसमें हस्तक्षेप की कोई जरूरत नही थी इसी प्रकार जिन 28 प्रतिशत लोगो ने इस संशोधन का समर्थन किया है उसमें भी आधे से ज्यादा SCST वर्ग के न होते हुवे अन्य वर्ग के है अर्थात जिन लोगों को इस संशोधन से फायदा मिलना है उन लोगो ने इस संशोधन का तर्क पूर्ण बचाव करने की कोशिश नही की बल्कि आगे जाकर जिन्हें इस अन्याय पूर्ण संशोधन से जेल यात्रा करनी पड़ेगी वही इसका समर्थन कर रहे है महज इस लिये की अंधभक्ति ने तर्कपूर्ण ढंग से उनके सोचने समझने की शक्ति हर ली है।
