Khabar Pakki: कल बाजना में एक युवक और एक युवती के हत्या या आत्महत्या के मामले में बाजना पुलिस द्वारा और फॉरेंसिक लैब के अतुल मित्तल द्वारा जिस प्रकार अंतिम संस्कार स्थल से अस्थियों का संचय करने के लिए लचर और गैर जिम्मेदार तरीका अपनाया गया उसके लिए गौरव तिवारी पुलिस अधीक्षक रतलाम ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहां की पुलिस को और भी संवेदनशील और प्रोफेशनल एटीट्यूड वाला बनाया जाएगा उल्लेखनीय है कि दाह संस्कार स्थल से पुलिस द्वारा अस्थि संचय हेतु ना तो दस्तानों का प्रयोग किया गया ना पुलिस के पास अस्थि संचय हेतु कोई बैग आदि था पुलिस ने वहीं से पॉलिथीन कलेक्ट किया और हाथों में पॉलिथीन पहनकर उन्हें दस्ताना बनाकर अस्थि संचय किया था जब पुलिस अधीक्षक महोदय को यह जानकारी पता लगी तो उन्होंने कहा कि पुलिस को और ज्यादा संवेदनशील और प्रोफेशनल एटीट्यूड वाला बनाने की जरूरत है और हम इस पर ध्यान देंगे। एक तरफ हम मंगल ग्रह की ओर जा रहे हैं और डिजिटल इंडिया की बात कर रहे हैं वहीं पुलिस के पास आज भी संसाधनों की कमी है और यही कारण है कि अन्वेक्षण और अनुसंधान की कमी के चलते ज्यादातर केसो में पुलिस कोर्ट से अपराधियों को सजा दिलाने में नाकामयाब रहती है। रतलाम शहर की जनता को पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी से काफी अपेक्षा है देखते है वह इसमें कहां तक सफल होते हैं।
