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ज्योतिरादित्य सिंधिया की घेराबंदी में जुटी भाजपा, बढ़े नेताओं के दौरे

BySurendra Jain

Jul 25, 2018

भोपाल। वर्ष 2017-18 में मध्यप्रदेश की अटेर, कोलारस और मुंगावली विधानसभा के उपचुनाव में भाजपा को पटखनी देने वाले कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की घेराबंदी के लिए भाजपा नेताओं ने उनके संसदीय क्षेत्र गुना-शिवपुरी में दौरे बढ़ा दिए हैं। पहले भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह ने दौरे कर संगठन को सक्रिय किया। फिर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने संयुक्त दौरे कर 35 हजार करोड़ रुपए के विकास कार्यों का कहीं लोकार्पण किया तो कहीं भूमिपूजन। मकसद साफ है कि आने वाले चुनाव में किसी भी सूरत में सिंधिया से उनकी परम्परागत सीट छीनना है।

भाजपा सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने प्रदेश में विधानसभा चुनाव के साथ-साथ लोकसभा चुनाव की तैयारी भी शुरू कर दी है। इसी रणनीति के तहत पार्टी सबसे पहले उन क्षेत्रों पर फोकस कर रही है, जिन क्षेत्रों में कांग्रेस का कब्जा है। फिलहाल कांग्रेस के पास छिंदवाड़ा (कमलनाथ), रतलाम-आलीराजपुर (कांतिलाल भूरिया) और गुना-शिवपुरी (सिंधिया) लोकसभा क्षेत्र है। प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में से बाकी 26 सीट पर भाजपा का कब्जा है।
पिछले साल अगस्त में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भोपाल के दौरे पर आए थे तो उन्होंने प्रदेश संगठन को साफ तौर पर निर्देश दिए थे कि कांग्रेस की ये तीनों सीट किसी भी हाल में छीननी है। इसी रणनीति के तहत हाईकमान उत्तरप्रदेश के मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह को तीनों क्षेत्रों की बागडोर सौंपी थी।
इसके बाद से ही संगठन के नेता और मंत्री लगातार सिंधिया के क्षेत्र में कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग कर रहे हैं। कुछ दिन पहले प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष राकेश सिंह ने भी गुना-शिवपुरी संसदीय सीट के कई विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया। पार्टी वहां लगातार विकास पर्व, विकास यात्रा और किसान सम्मेलन आयोजित कर रही है। गत सोमवार को सीएम और केंद्रीय मंत्री गडकरी ने भी एकसाथ दौरे कर विकास की कई योजनाओं का लोकार्पण किया। ये सारे प्रयास सिर्फ सिंधिया से सीट छीनने की रणनीति के तहत किए जा रहे हैं
घट रहा सिंधिया की जीत का अंतर
2014 के चुनाव में गुना-शिवपुरी संसदीय सीट पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भाजपा के जयभान सिंह पवैया को एक लाख 20 हजार 792 वोटों से हराया था। इससे पहले 2009 में हुए चुनाव में यही अंतर ढाई लाख वोटों का था। तब सिंधिया ने इसी सीट पर दो लाख 49 हजार 737 मतों से जीत दर्ज की थी। इस चुनाव में सिंधिया चार लाख 13 हजार 297 मत मिले थे, जबकि नजदीकी भाजपा उम्मीदवार डॉ. नरोत्तम मिश्रा को एक लाख 63 हजार 560 मत मिले थे। बीते चुनाव में कांग्रेस के खाते में सीट तो बरकरार तो रही, लेकिन जीत का अंतर काफी कम रहा।
तैयारी चल रही है
हम इस बार कांग्रेस की सभी सीटों को खासतौर से गुना और छिंदवाड़ा को हर हाल में जीतेंगे। उस दिशा में तैयारी चल रही है। – डॉ. विनय सहस्रबुद्धे, प्रदेश प्रभारी मप्र
4 माह पहले सीधी, राजगढ़ और नरसिंहपुर में बदले जिलाध्यक्ष
भाजपा ने विधानसभा चुनाव से ठीक चार महीने पहले मप्र के तीन जिलों के अध्यक्षों को बदल दिया है। इसकी वजह कमजोर परफॉरमेंस तो है ही, साथ में चुनावी तैयारियों में पिछड़ना भी बताया गया है। पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान के कार्यकाल से ही इन जिलों में नए अध्यक्ष नियुक्त किए जाने की चर्चा चल रही थी, लेकिन फिलहाल पार्टी ने तीन जिलों में ही परिवर्तन किए हैं। नरसिंहपुर में कैलाश सोनी राज्यसभा में सदस्य निर्वाचित हो गए हैं, इसलिए वहां की कमान अभिलाष मिश्रा को सौंपी गई है।

राजगढ़ में पूर्व मंत्री बद्रीलाल यादव की जगह जिलाध्यक्ष दीपक शर्मा को नियुक्त किया है। वहीं सीधी के जिलाध्यक्ष डॉ. राजेश मिश्रा बनाए गए हैं। प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह एवं प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत ने नियुक्ति आदेश जारी किए हैं। सीधी के लालचन्द गुप्ता, पूर्व जिला अध्यक्ष नरसिंहपुर कैलाश सोनी एवं पूर्व जिला अध्यक्ष राजगढ़ बद्रीलाल यादव को प्रदेश कार्यसमिति में विशेष आमंत्रित सदस्य मनोनीत किया है।

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