रतलाम | 9–10 जनवरी : मालवा अंचल की सांस्कृतिक, सामाजिक और बौद्धिक गतिविधियों को केंद्र में रखते हुए आयोजित मालवा मीडिया फेस्ट का शुभारंभ 9 जनवरी को हुआ। फेस्ट की शुरुआत महान क्रांतिकारी शहीद चंद्रशेखर आज़ाद के जन्मस्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर विद्यार्थियों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आयोजन से जुड़े प्रतिनिधियों ने देश और समाज के प्रति अपने दायित्वों को स्मरण किया।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने झाबुआ प्रवास के समय डॉ. शिवदयाल से शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने युवाओं के लिए आयोजित शैक्षणिक, जागरूकता और मीडिया आधारित आयोजनों को समाज के लिए उपयोगी बताते हुए ऐसी पहलों की सराहना की।
फेस्ट का मुख्य उद्घाटन समारोह रतलाम स्थित उजाला पैलेस में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ पश्चिम रेलवे के डीआरएम अश्विनी कुमार द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए युवाओं से जिम्मेदार और सकारात्मक पत्रकारिता की भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर संविधान प्रदर्शनी का उद्घाटन प्रख्यात कबीर भजन गायक प्रह्लाद जी टिपाणिया द्वारा किया गया। जिला विधिक सहायता अधिकारी पूनम तिवारी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने संविधान की मूल भावना, नागरिक अधिकारों और निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की जानकारी दी।
लोक-संस्कृति और कबीर वाणी के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार में योगदान के लिए प्रह्लाद जी टिपाणिया को “मालवा अलंकृत” सम्मान प्रदान किया गया। उनके कबीर भजनों ने कार्यक्रम स्थल पर आध्यात्मिक और चिंतनशील वातावरण निर्मित किया।
दूसरे दिन की गतिविधियां
मालवा मीडिया फेस्ट के दूसरे दिन की शुरुआत शहीद अजहर हाशमी को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीद के बलिदान को नमन किया।
इसके पश्चात विद्यार्थियों के लिए ड्रॉइंग, पोस्टर मेकिंग, स्लोगन लेखन और निबंध लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रतियोगिताओं में छात्रों ने सामाजिक सरोकार, लोकतांत्रिक मूल्य, राष्ट्रवाद और मीडिया की भूमिका जैसे विषयों पर अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत की।
ज्ञानवर्धक सत्र में मेजर नम्रता धस्माना ने विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने विचारों की स्वतंत्रता, आत्मविश्वास और वैश्विक घटनाओं की समझ पर अपने विचार रखे। भू-राजनीति जैसे विषयों पर आयोजित प्रश्न-उत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की।

इसके बाद आयोजित विशेष सत्र में पूर्व रॉ एजेंट लकी बिष्ट ने “सीक्रेट एजेंट: अ कोवर्ट मिशन” विषय पर संवाद किया। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, खुफिया तंत्र और रणनीतिक सोच के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए अर्चना शर्मा ने बताया कि मालवा मीडिया फेस्ट का उद्देश्य युवाओं को इतिहास, संविधान, संस्कृति और मीडिया की जिम्मेदार भूमिका से जोड़ना है।
आगामी सत्र
फेस्ट के आगामी सत्रों में नवभारत टाइम्स की वरिष्ठ परियोजना अधिकारी विद्यार्थियों से संवाद करेंगी। लेखक गजेंद्र राठौर अपनी पुस्तक साइकिल ऑफ ग्रोथ पर चर्चा करेंगे। इसके साथ ही रानी अबक्का के जीवन पर आधारित नाट्य मंचन और फैशन शो का आयोजन भी प्रस्तावित है।
मालवा मीडिया फेस्ट के पहले दो दिन इतिहास, संविधान, संस्कृति, रचनात्मकता और बौद्धिक विमर्श पर केंद्रित रहे, जिसमें युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
