आज ईरानी राजदूत मसूद ने क्या किया जय भारत अमेरिका के दबाव में ईरान से तेल आयात कम करता है तो उस को दिए जाने वाले विशेष लाभ खत्म किए जा सकते हैं इसी प्रकार इरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी ने स्विजरलैंड में प्रवासी ईरानियों को संबोधित करते हुए कहा कि जो देश अमेरिका के दबाव में ईरान से तेल आयात कम कर रहे हैं तो इस कारण क्षेत्र में तेल की आपूर्ति का बढ़ा सकती है हालांकि उन्होंने इसका पूरा खुलासा नहीं किया किंतु पूर्व में जब इरान पर इस तरह के प्रतिबंध लगाए गए थे तो ईरान ने हावर्ज जलडमरूमध्य को बाधित कर दिया था जिससे क्षेत्र में तेल आपूर्ति बाधित हो गई थी क्योंकि इस क्षेत्र से दुनिया का एक तिहाई तेल ट्रांसपोर्ट होता है उल्लेखनीय है कि ओपेक देशों में दूसरा नंबर का तेल आपूर्तिकर्ता ईरान है जो 20 लाखबैरल प्रतिदिन तेल निर्यात करता है। उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने ईरान से परमाणु संधि समाप्त कर अपने सहयोगी देशों को नवंबर तक ईरान से तेल इंपोर्ट करना बंद करने का आदेश दिया है यदि भारत अमेरिका के दबाव में ईरान से तेल आयात कम करता है या बंद करता है तो इसका दबाव भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा क्योंकि ईरान से भारत को तेल आयात सस्ता पड़ता है और दूसरे देशों के मुकाबले दुगने दिन की उधारी मिलती है यही नहीं इरान भारत से रुपए में भी भुगतान ले लेता है अब देखना दिलचस्प होगा कि मोदी सरकार का रुख इस पर क्या रहता है।
