रतलाम। शनिवार की रात्रि में करीब 11 बजे से वर्षा ऋतु की सबसे तेज़ मूसलाधार बारिश से धराड़ व आसपास के छेत्रो में कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई जिसमें महाँकाल मन्दिर रोड ,पीपली बाजार ,हायरसेकंडरी स्कूल के सामने वाली रोड आदि मुख्य रहे । नालियो से कीचड़ बहकर रोड पर जाम हो गया तो आवागमन बाधित भी रहा वही अभी वर्तमान में धराड़ से बदनारा पीडब्ल्यूडी द्वारा रोड के निर्माण के अंतर्गत धराड़ के ऊकाला हनुमान मंदिर के सामने नाले पर एक पुलीया का निर्माण हो रहा है जिसकी पुलीया की छत अभी हाल ही के दीनो में भरी है जहाँ पुलीया निर्माण करने के लिए नाले के नीचे मुर्र्म डाली गई थी जिसके कारण यहाँ कुंड के पास नाले में जल भराव हो गया साथ ही उसमे अनेकों प्रकार की गंदगी निर्माणाधीन पुलीया के पास जमा हो गई जिससे हनुमान मंदिर पर आने जाने वाले लोगो को काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ा ,वही दूसरी ओर ग्राम रातितलाई के भागवन्ता बाई कटारा के घर के बहार बनी पशुओं के लिए झोपड़ी रात करीब 12 बजे तेज गति से बारिश होने के कारण झोपड़ी के अंदर पाँच पशु दब गए जिसमें तीन भेस ,दो बछड़ो के साथ बकरियां भी बन्धी हुई थी ,कटारा परिवार ने रात्री में ही बारिश की परवाह नहीं करते हुए गिरते पानी में अपने सारे पालतु पशुओं को झोपड़ी से बॉस व बल्लियों को हटाकर खुले स्थान पर बाँधे ,भागवंता बाई ने बताया कि इस झोपड़ी के बारिश में गिरने से एक भेस मरती मरती बची है हम समय पर नही निकालते तो उसका मुँह बल्ली में चददर के नीचे दब गया था जोकि भेस खड़ी भी नही हो पाई ,रविवार की सुबह हमने झोपड़ी को हटाया ओर भूसे को सूखने के लिए रखा अब ढोरो को बांधने के लिए नई झोपड़ी तैयार करनी पड़ेगी।
