धराड़। 20 जून से लगातार रुक रुक कर वर्षा होने व 23 जून को रात्रि में जोरदार बारिश से धराड़ व आसपास के गाँवो में किसान अपने खेतों की हकाई जुताई करने के बाद सोयाबीन की बुआई करने में जुट गये है । शनिवार की रात हुई तेज बारिश से किसानो के चेहर खिल उठे हैं धराड़ में रविवार व सोमवार को किसान अपने खेतों को हकाई जुताई कर अब रोटावेटर करवाकर सोयाबीन, मक्का ,तिल ,तुलसी , मूंग ,उड़द ,तुवर ,आदि फसलों के बीजों को तैयार कर बोने की तैयारी शुरू कर दी गई है । धराड़ के नरेंद्र सिंह राठौर व शंकर लाल डाबला ने बताया कि खेत में वराप आने के बाद ट्रैक्टर से बुआई चल रही है सोमवार की 3 बजे की बारिश से ट्रैक्टर को सोयाबीन बोवनी करते हुए रोकना पड़ा ट्रैक्टर के पहिये खेत में गढऩे लग गए ,धराड़ के खारवा छेत्र में अधिकतर सोयाबीन की बुआई हो चुकी है जबकि पानी नही गिरता है तो दो दिन में धराड़ व आसपास के इलाकों में बोवनी हो सकती है । कृषि विस्तार अधिकारी दीपक गामड़ ने बताया कि कीसान अपने खेतों में फसल बोन के पूर्व बीजोपचार कर ही बोवनी करें जिससे कीड़े व अन्य बीमारियों के लगने के आसार कम हो जाते हैं और सोयाबीन में फुफन्द ,फलियों में दाने नही आदि आदि बीमारी नही होती है ।
कृषि विस्तार अधिकारी दीपक कुमार गामड़ धराड़ द्वारा बीजोपचार की विधि- सोयाबीन में बीजोपचार करने के लिए छाछ को 200 एमएल प्रति लीटर पानी में एक क्विंटल सोयाबीन के लिए घोल तैयार कर (एक क्विंटल बीज के लिए 200 एमएल छाछ का घोल ) सोयाबीन को सुखी जगह नीचे फैलाकर हाथों में थैली या दस्ताने बाँध कर दोनों हाथों से तैयार घोल को सोयाबीन पर डालकर अच्छी तरह से मिलाएं जिसके बाद सूखने के लिए रखदे व सूखने के बाद बोवनी करें जिसमें थोड़ी मात्रा में गुड़ मिला दिया जाए तो घोल बीजो पर अच्छे से चिपक जाएगा और अच्छा काम करता है।
कृषि विस्तार अधिकारी ने बीजोपचार के बाद बोवनी करने की सलाह किसानों को दी, बोवनी शूरू
