भोपाल 22 मई। आउटसोर्स में कार्यरत कर्मचारी जो कि कॉल सेन्टर से लेकर विभिन्न कार्यालयों में कार्यरत हैं और उनसे कथित जुड़े हुए संगठन और कुछ अभियंताओं के संगठन द्वारा मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोयल पर विगत दिवस असत्य और निराधार आरोप लगाये हैं। यह आरोप सत्यता पर आधारित नहीं हैं।
दरअसल बात यह है कि जो कर्मचारी डॉ. संजय गोयल को अशालीन होने का आरोप लगा रहे हैं वे वास्तविकता में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में कार्यरत कर्मचारी ही नहीं हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सभी अभियंता एकजुट होकर सौभाग्य योजना एवं अन्य योजनाओं में लगे हैं उन्हें विरोध या आरोप लगाने का समय ही नहीं है। आरोप लगाने वाले कर्मचारियों के कथित नेता आउटसोर्स पर लगे हुए उन एजेंसियों के कर्मचारियों को बरगलाकर काम नहीं करने को उकसा रहे हैं। वास्तविकता यह है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोयल ने पिछले 7 माह में कंपनी में उपभोक्ता सेवाओं में गुणात्मक सुधार किया गया है और गलत मीटर रीडिंग करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मीटर रीडिंग का काम कर रहे कर्मचारियों को खपत पर आधारित बिल को ही मान्य करने के लिए कहा है जब कि कर्मचारी अनुमानित खपत के आधार पर बिल जारी कर रहे थे। इस बात को लेकर प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोयल बैठकों में ऐसे निर्देश दिए हैं ताकि ईमानदार उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना न करना पड़े।
डॉ. संजय गोयल ने सूचना प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग बढ़ाकर ऑनलाइन बिल जमा करने में छूट का प्रावधान, खराब तथा जले ट्रांसफार्मर को बदलने के लिए ट्रांसफार्मर रिप्लेसमेंट यूनिट (टीआरटी) की स्थापना की है जो कि सुचारू रूप से कार्य कर रही है और खराब तथा जले ट्रांसफार्मर समय पर बदले जा रहे हैं। सौभाग्य योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को नवीन कनेक्शन देने के लिए पंचायत स्तर पर कैम्प लगाये जा रहे हैं। विद्युत शिकायतों के निराकरण के लिए पंचायत एवं वितरण केन्द्र स्तर पर कैम्प लगाये जा रहे हैं। कॉल सेन्टर से प्राप्त विद्युत शिकायतों (एफओसी) के निराकरण की अवधि अब 35 मिनट से भी कम हो गई है। विद्युत शिकायतें कॉल सेन्टर पर रजिस्टर्ड होती हैं वे काफी कम समय में हल हो रही हैं। कॉल सेन्टर में बिलिंग संबंधी शिकायतें दर्ज करने के लिए डॉ. संजय गोयल के प्रयास को उपभोक्ता संगठनों ने सराहनीय कदम बताया है।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोयल निरन्तर राज्य शासन की नीतियों, कार्यक्रमों और योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए लगातार बैठकें कर रहे हैं और जनसंवाद कार्यक्रमों से स्वस्थ वातावरण निर्मित कर रहे हैं।
डॉ. संजय गोयल समझाइश देकर एवं वितरण कंपनी और कर्मचारियों के साथ-साथ उपभोक्ताओं के साथ बेहतर संवाद स्थापित कर काम कर रहे हैं। समय पर गुणवत्तापूर्ण काम प्लानिंग के साथ होना चाहिए। यह उनका मुख्य उद्देश्य है।
राज्य के मुख्यमंत्री प्रदेश में बिजली वितरण की व्यवस्था को सुचारू, सुगम और अटल ज्योति अभियान के तहत आबादी को 24 घंटे और कृषि क्षेत्र में 10 घंटे बिजली का प्रदाय करने के लिए कृत-संकल्पित है और इसी दिशा में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोयल एवं कंपनी के अधिकारियों/कर्मचारियों, अभियंताओं और उपलब्ध आउटसोर्स के मेन पॉवर का अधिकतम उपयोग कर उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देने के लिए कृत-संकल्पित है। गत दिवस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को लेकर जो गलत सूचनाएं प्रसारित की गई हैं, वे असत्य हैं और पूर्वाग्रह से प्रेरित हैं।
प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोयल पर लगाये सभी आरोप निराधार
