मामला: स्थानांतरित पुलिस अधिकारियों का
रतलाम/ रतलाम पुलिस विभाग में ऊपरी तौर पर वैसे तो सब कुछ सामान्य दिखाई दे रहा है लेकिन अंदर ही अंदर डीआईजी और एसपी में पुलिस अधिकारियों को रिलीव करने को लेकर आपस में ठन गई है। डीआईजी जितेंद्र कुशवाहा ने स्थानांतरित हुए पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों को एकतरफा रिलीव करने के आदेश जारी किए हैं वहीं दूसरी और पुलिस अधीक्षक ने जिले में कानून व्यवस्था के लिये कम थाना प्रभारी होने का हवाला देकर वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखा है तथा जिले की संवेदनशील कानून व्यवस्था का हवाला देकर थाना प्रभारियों को रिलीव करने से इनकार किया है।
पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार विगत 2 माह पूर्व पुलिस मुख्यालय भोपाल से जिले के 7 निरीक्षक 2 सहायक उपनिरीक्षक तथा 40 आरक्षकों के स्थानांतरण आदेश जारी हुए थे। लेकिन विगत 2 माह बीत जाने के बाद भी पुलिस अधीक्षक द्वारा उन्हें रिलीव नहीं किया गया। जिसके बाद सोमवार को डीआईजी कुशवाहा ने एक तरफा आदेश करते हुए तत्काल रिलीव होकर अगले ही दिन नए कार्यस्थल पर ज्वाइनिगं देने के आदेश जारी किये।लेकीन पुलिस अधीक्षक अमित सिंह ने इस एक तरफा आदेश को रतलाम जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति व पुलिस अधिकारियों की कमी को देखते हुवे न अमल मे लाने का निर्णय लिया है। इसकी जानकारी देते हुए उन्होंने डीआईजी सहित सभी वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर मामले की जानकारी देते हुए निर्णय से अवगत करा दिया है इधर डीआईजी श्री कुशवाहा ने बताया कि यह प्रशासनिक आदेश है इसे पुलिस अधीक्षक को आज नहीं तो कल मानना होगा। वहीं दूसरी ओर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले में थानेदारों की कमी होने के कारण स्थानांतरित पुलिस अधिकारीयो को रिलीव करने के डीआईजी के आदेश पर अमल करना सम्भव नही है। इस पूरे प्रकरण से यह स्पष्ट होता है कि डीआईजी व एसपी में संवाद व समन्वय की कमी है और इसका असर जिले में कार्यरत पुलिस अधिकारियो के काम पर भी पड़ेगा।
डीआईजी एसपी में ठनी
