रतलाम। दीनदयाल नगर हायर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य की लापरवाही से एक छात्र का भविष्य अधर में लटक गया है। यह बालक 10 वीं कक्षा में प्रवेश चाहता था लेकिन स्कूल से उसकी 9 वीं कक्षा की मार्कशीट और स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट ही जारी नहीं किया गया। एक साल तक यह छात्र स्कूल के चक्कर लगाता रहा, मामला जिला शिक्षा अधिकारी तक पहुंचा तो उन्होंने प्राचार्य को जल्द मार्कशीट देने के निर्देश जारी किए।
प्रकरण से जुड़े छात्र का नाम कमलेश केवट है, उसके पिता रमेश केवट की मौत हो चुकी है। कमलेश ने 2016 में शासकीय दीनदयाल नगर हायर सेकेंडरी स्कूल से 9 वीं कक्षा उत्तीर्ण की थी। पारवारिक कारणों से वह इसी स्कूल में पढ़ाई जारी नहीं रख सका। आगे पढ़ाई करने के लिए उसे मार्कशीट और स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट की जरूरत थी, एक साल तक इसके लिए स्कूल में चक्कर लगाता रहा। इस बालक का मामला सामने आने के बाद एड्वोकेट अमित पांचाल ने जिला शिक्षा अधिकारी को शिकायत की थी। हाल ही में जिला शिक्षा अधिकारी ने प्राचार्य को कमलेश केवट की मार्कशीट और स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट जारी करने के लिए निर्देशित किया है। खुद एड्वोकेट अमित पांचाल अब लेट फीस के 5 हजार रूपए अपने पास से खर्च कर इस बालक का 10 वीं कक्षा का फार्म भरवा रहे है।
