रतलाम। आचार्यश्री उमेशमुनिजी ‘अणु’ के शिष्य प्रवर्त· जिनेन्द्रमुनिजी के आज्ञानुवर्ती ‘अणुवत्स’ संयतमुनिजी, हेमंतमुनिजी, जयंतमुनिजी व गिरीशमुनिजी म.सा. ने रतलाम में वर्षावास पूर्ण कर आज सुबह धर्मदास जैन मित्र मंडल नौलाईपुरा स्थानक से विहार ·किया।
मुनि मंडल के विहार से पूर्व ही गुरुभक्तों की भारी भीड़ धर्मदास जैन मित्र मंडल स्थानक पर सुबह 7 बजे से ही पहुंच गई। यहां श्रावक·-श्राविकाओँ ने गुरुभगवंतों के दर्शन वंदन कर मांगलिक श्रवण की। एक ओर जहां श्रावक-श्राविका बहुतायत में थे वहीं युवा तरूणाईयों ने भी बड़ी संख्या में भाग लेकर मुनि मंडल का भारी मन से, रतलाम से विहार करवाया।
श्रावक-श्राविकाओं और युवा तरूणाइयों ने गगनभेदी जयकारों और गुरुदेव आचार्य उमेशुनिजी म.सा. का गुणगान करते हुए मुनि मंडल का विहार नौलाईपुरा धर्मदास जैन मित्र मंडल स्थानक से शुरू करवाया, जो चौमुखीपुल, आजाद चौक, चांदनीचौक, तोपखाना, बजाजखाना, गणेशदेवरी, रानीजी का मंदिर, धानमंडी, शहीद चौक, शहरसराय, सैलाना बसस्टेंड महाराणा प्रताप चौराहा, चेतक ब्रिज, राममंदिर होता हुआ अलकापुरी स्थित मोहन बाग पर पहुंचा जहां मुनिश्री अणुवत्स संयतमुनिजी सहित अन्य संतो के व्याख्यान हुए तत्पश्चात संयत मुनि जी ने मांगलिक श्रवण करवाई।
मुनि मंडल के विहार में पूरे रास्ते श्रावक-श्राविकाओं का हूजुम गगनभेदी जयकारों और गुरुदेव का गुणगान करता हुआ चल रहा था। जगह-जगह श्रद्धालुओँ ने मुनि मंडल के दर्शन-वंदन कर मांगलिक श्रवण की ।
मुनि मंडल के रतलाम से विहार के समय भी बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने अणुवत्स से जमीकंद व अन्य त्याग के प्रत्याख्यान ग्रहण किए
मोहन बाग़ हुई धर्मसभा में ,धर्मदास् श्री संघ ने महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए, कस्तूरबा नगर स्थानक के जीर्णोद्धार की बात कही, व् 51 हजार रूपए व् इस कार्य के लिए 11 सदस्यों की कमिटी की घोषणा की,श्री संघ के महामन्त्री अरविन्द मेहता ,सचिव नरेंद्र गांधी, व अणु मित्र मंडल की और से राजेश कोठारी ने संयतमुनिजी व् संत मंडल की खूब अनुमोदना की, व् उन्हें रतलाम के इस भव्य चातुर्मास व् समाज में धर्म प्रभावना बढ़ाने के लिए कोटि कोटि वंदन कर अनुमोदना की ।व् जल्द से जल्द पुनः रतलाम पधारने की विनती की ।
धर्म सभा का संचालन श्री सुशिल जी गादीया ने किया,व् कल के व्याख्यान भी कस्तूरबा नगर ही होंगे इसकी घोषणा की ।धर्म सभा के पश्चात सकल धर्मदास् जैन श्री संघ व् पधारे हुए अतिथियों की गौतम प्रसादी भी श्री संघ की और से यही रखी गयी ।