रतलाम। जैन समाज की प्रतिष्ठित संस्था श्री धर्मदास जैन मित्र मंडल की 100 करोड रूपए से ज्यादा कीमत की संपत्तियों को निजी ट्रस्ट बनाकर हड़प लिए जाने के मामले में गुरूवार को एसडीएम शहर अनिल भाना की कोर्ट में सुनवाई हुई। निजी ट्रस्टों का गठन करने वाले सभी लोग भी एसडीएम न्यायालय में पेश हुए, किसी ने परिवार में शादी का बहाना बनाया तो किसी ने निजी व्यस्तता का हवाला दिया और एसडीएम से जवाब पेश करने के लिए समय मांगा। प्रकरण की अगली सुनवाई अब 21 नवंबर को होगी।
श्री धर्मदास जैन मित्र मंडल की संपत्तियों के मामले में एसडीएम शहर के न्यायालय में गुरूवार 12 अक्टूबर को पहली सुनवाई हुई थी। इस दिन कोई पेश नहीं हुआ। बाद में यह प्रकरण नए एसडीएम शहर अनिल भाना की कोर्ट में आ गया। बुधवार को शिकायत करने वाले पक्ष की ओर से मुख्य शिकायतकर्ता अजीत मेहता व एड्वोकेट राजेश कर्णधार ने अपना पक्ष रखा। विपक्ष से रमणलाल बोहरा, कांतिलाल मेहता, श्रवणलाल बोहरा, प्रकाश मूणत, महेंद्र चाणोदिया और आनंदीलाल गांधी पेश हुए। इन्होंने एसडीएम न्यायालय से अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा। इस पर अजीत मेहता द्वारा आपत्ति ली गई। हालांकि एसडीएम ने मय साक्ष्य जवाब प्रस्तुत करने के लिए 21 नवंबर तक का अंतिम अवसर दिया है।
ट्रस्ट और ट्रस्टी जिनके खिलाफ है आरोप
- (1) निहालचंद गांधी, रमणलाल बोहरा एवं अन्य प्रमुख ट्रस्टी श्री धर्मदास जैन मित्र मंडल बजाजखाना
- (2) श्री कृष्ण जैन महिला कला केंद्र ट्रस्ट, सुभाष मार्ग धानमंडी रतलाम
- (3) महेंद्र चाणोदिया व अन्य प्रमुख ट्रस्टी श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ ट्रस्ट बोर्ड बजाजखाना
- (4) सुरेंद्र गादिया, आनंदीलाल गांधी व अन्य, श्री सौभाग्य साधना एवं जनकल्याण परिसर सागोद रोड
- (5)निहालचंद गांधी, चंदनमल चौरड़िया व अन्य, श्री धर्मदास कृष्ण स्मृति सुकृत ट्रस्ट राजमोहल्ला इंदौर
- (6) श्री सौभाग्य जैन परमार्थिक न्यास बजाजखाना रतलाम
- ( photo फाइल)
