खबर पक्की: 19 सितंबर इंदौर, इंदौर हाई कोर्ट के विद्वान न्यायाधीश रोहित आर्य ने द्वारका रेजिडेंसी मामले में आर्टिकल 226 के अंतर्गत सुनवाई करते हुए कलेक्टर रतलाम को यह निर्देश जारी किए हैं कि उक्त मामले में व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर मामले की सुनवाई कर उचित निर्णय लें l उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों रतलाम कलेक्टर द्वारा उक्त मामले में कार्रवाई करते हुए द्वारका रेजिडेंसी के सामने बनी हुई कंक्रीट की सड़क को अवरुद्ध कर दिया था l जिसको लेकर द्वारका रेजिडेंसी के प्रमोटर द्वारा हाई कोर्ट में एक रिट पिटिशन दायर की गई थी और कोर्ट को यह बताया कि उसके द्वारा किसी प्रकार का नजूल जमीन पर कोई अतिक्रमण नहीं किया गया बल्कि पहले से चले आ रहे रास्ते को जनहित में कंक्रीट का बना दिया गया था जिससे जनता सुगमता से उस सड़क पर आवागमन कर सके l कोर्ट ने तमाम फोटोग्राफ देखकर और याचिकाकर्ता की दलीलों को सुनते हुए उक्त आदेश पारित किया वैसे भी नजूल के खसरे में 43 बटा 1 की 1. 710 हेक्टर भूमि शासकीय लिखे हो कर उस पर दर्जनों रिहायशी इमारतें बनी हुई बताई गई है l कलेक्टर कि इसी कार्रवाई के तारतम्य में नगर निगम द्वारा भी नोटिस जारी कर निर्माण अनुमति निरस्त करने की धमकी द्वारका रेजिडेंसी के प्रमोटर को दी थी l जबकि पूर्व कलेक्टर रुचिका चौहान के समय में स्वयं कलेक्टर नजूल और सभी सरकारी विभागों ने उक्त प्रोजेक्ट को वैध मानते हुए सारी अनुमतिया जारी की थी l कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम की त्वरित निर्णय लेने की कार्यशैली को देखते हुए हाई कोर्ट के निर्देश के परिप्रेक्ष्य में उक्त मामले में जल्दी ही निर्णय होने की संभावना है l
