खबर पक्की :29 अगस्त रतलाम, सैलाना ओवर ब्रिज के नीचे द्वारका रेजिडेंसी के नाम से बन रही बहुमंजिला बिल्डिंग के आगे की रोड को आज कलेक्टर के आदेश पर नगर निगम द्वारा अधिग्रहित कर लिया गया। उक्त बिल्डिंग का निर्माण जब से शुरू हुआ है काफी विवादों में रही है। उक्त बिल्डिंग के प्रमोटर में वैसे तो नाम हैदरी एंड कंपनी असगर अली और जितेंद्र नागल का है पर पर्दे के पीछे असल नायक शहर का एक उद्योगपति है जिसने इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए फंडिंग की है। न्यू रोड पर स्थित एक व्यवसायी और इस उद्योगपति के बीच आपसी लेनदेन का विवाद काफी समय से चला आ रहा है और इस व्यवसायी द्वारा उद्योगपति को खुला चैलेंज दिया था कि मेरा भुगतान कर दो नहीं तो मैं इस मल्टी को मटिया मेट करवा दूंगा। लेकिन लगता है व्यवसायी का भुगतान नही हुआ और उसने तथ्यों के साथ जिला प्रशासन में इसकी कई बार कंप्लेन की। और आखिर कार व्यवसायी की शिकायत रंग लाई और वर्तमान कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने उक्त शिकायत की जांच करवा कर मल्टी के सामने की 10000 स्क्वायर फीट की कंक्रीट रोड जो कि नजूल की जमीन पर बनी हुई है को अधिग्रहित करने के आदेश दे दिए और आज नजूल द्वारा डी मार्केशन करवाकर नगर निगम द्वारा उक्त रोड को अधिग्रहित कर बंद कर दिया गया। नगर निगम के इंजीनियर सुरेश चंद्र व्यास द्वारा बताया गया कि उक्त कार्रवाई कलेक्टर साहब के निर्देश पर की गई है और उक्त सड़क नजूल की जमीन पर बनी हुई है । जिस पर बगैर नजूल से परमिशन लिए रोड बनाई गई है। उक्त जगह के वर्तमान भाव से उक्त जमीन करोड़ों रुपए की है। कलेक्टर के उक्त कार्रवाई से जिन बैंकों द्वारा उक्त मल्टी के लिए फाइनेंस उपलब्ध कराया गया है उनके भी करोड़ों रुपए फसने का भय व्याप्त हो गया है और शहर के प्रॉपर्टी व्यवसाय में एक भय का वातावरण निर्मित हो गया है।
