रतलाम। आधे शहर को परेशान कर देने, हजारों लोगों के घरों के बाहर सड़के खोद देने और शहर के एक बड़े हिस्से को बर्बाद कर दिए जाने के बाद जिम्मेदार नींद से जागे है। रविवार को नगरीय प्रशासन विभाग के मुख्य अभियंता(चीफ इंजीनियर) रतलाम आए और लगभग 150 करोड़ रूपए के सीवरेज प्रोजेक्ट की समीक्षा की। खुद चीफ इंजीनियर ने ही कबूल किया है कि प्रदेश में जहां कहीं भी सीवरेज का काम चल रहा है उनमें रतलाम में सबसे घटिया काम हुआ है। ठेकेदार कंपनी को पाइप फिर से उखाड़ने, जमीन में बैस तैयार करने के बाद दोबारा डालने के लिए कहा गया है। चीफ इंजीनियर ने पीडीएमसी के 2 इंजीनियर को भी हटाने के निर्देश दिए है।
रतलाम शहर में सबसे पहले सीवरेज के बेतरतीब काम का मुद्दा रतलाम प्रेसक्लब द्वारा ही उठाया गया था। प्रेसक्लब ने शहर की विभिन्न संस्थाओं के साथ मिलकर खराब सड़क, गढ्ढे और सीवरेज के दोयमदर्जे के काम के खिलाफ जनआक्रोश मार्च निकाला था। इसी मार्च के बाद जिम्मेदार जागे। दो कार्यपालन यंत्रियों की जांच के बाद रविवार को चीफ इंजीनियर प्रभाकांत कटारे रतलाम आए। सीवरेज का काम जांचा और कलेक्टर सहित अन्य लोगों के साथ बैठक की। प्रेसक्लब अध्यक्ष सुरेंद्र जैन ललवानी से हुई चर्चा में श्री कटारे ने माना कि रतलाम में काम दोयम दर्जे का हुआ है। ठेकेदार फर्म को पहली और अंतिम चेतावनी दी गई है साथ ही दो इंजीनियर को प्रोजेक्ट से हटा दिया गया है।
चीफ इंजीनियर के निर्देश
- अब तक के काम को पुन: खुदाई कर वाइब्रेटर कांपेक्टर से मिट्टी को दबाए।
- पाइप डालने से पहले मुरम और कांक्रीट का बैस तैयार करे।
- 15 फिट से कम चौड़ी सड़को वाले क्षेत्र में यदि खुदाई ज्यादा हुई तो ठेकेदार को ही पूरी सड़क नई बनाना पड़ेगी।
- जिस भी इलाके में आगे काम करे, वहां के नागरिकों को पहले खुदाई की जानकारी दे।
- – पेयजल, सीवरेज लाइन के सभी एजेंसी साथ मिलकर काम करे।
- – जिस हिस्से में खुदाई की जाए वहां सारे काम पूरे होने के बाद ही दूसरी जगह खुदाई की जाए।
