खबर पक्की, 27 सितंबर, रतलाम/सैलाना। कलेक्टर अजय कटेसरिया ने सैलाना के कृषक शुभम पाटीदार के खेत पहुंचकर जैविक पद्धति से की जा रही ड्रैगन फ्रूट की खेती का अवलोकन किया। उन्होंने किसान से खेती की तकनीक, उत्पादन, लागत और जैविक खेती की प्रक्रिया की जानकारी ली तथा खेत का भ्रमण किया।
इस दौरान कलेक्टर किसान और बच्चों के साथ खाट पर बैठकर भुट्टे का स्वाद लिया। उन्होंने खेत में उत्पादित बालम ककड़ी और ड्रैगन फ्रूट भी चखा। भुट्टे का स्वाद लेते हुए उन्होंने कहा कि “बहुत मीठे हैं।” उन्होंने ड्रैगन फ्रूट के स्वाद की भी सराहना करते हुए कहा कि रतलाम-सैलाना क्षेत्र के ड्रैगन फ्रूट का स्वाद उन्हें अन्य स्थानों की तुलना में अधिक मीठा लगा। उन्होंने कृषक के प्रयास और मेहनत की सराहना की।
जैविक खेती से अच्छी आय अर्जित कर रहे पाटीदार
कृषक शुभम पाटीदार ने बताया कि वे चार बीघा भूमि में पिछले दो वर्षों से तथा पांच बीघा भूमि में पिछले छह वर्षों से ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे हैं। क्षेत्र में इसकी मांग अच्छी होने से उत्पाद आसानी से बिक जाता है और इससे अच्छी आय प्राप्त हो रही है।
पाटीदार ने बताया कि ड्रैगन फ्रूट की खेती पूरी तरह जैविक पद्धति से की जाती है। खेत पर ही जीवामृत तैयार कर उसका उपयोग किया जाता है तथा केंचुआ खाद बनाकर फसल में डाली जाती है। कलेक्टर कटेसरिया ने जैविक खेती और स्थानीय कृषि नवाचारों की सराहना करते हुए उद्यानिकी विभाग से ड्रैगन फ्रूट सहित अन्य नई फसलों की खेती की संभावनाओं एवं तकनीकी पहलुओं की जानकारी ली।
खेत पर पहुंचे कलेक्टर कटेसरिया, किसान और बच्चों के साथ खाट पर बैठकर खाए भुट्टे, ड्रैगन फ्रूट की जैविक खेती का किया अवलोकन, कृषक शुभम पाटीदार के नवाचार की सराहना
