रतलाम। रतलाम रेंज के डीआईजी धर्मेद चौधरी से उनका वीरता अवार्ड वापस ले लिया गया है। झाबुआ जिले में 2004 में हुए एक एनकाउंटर मामले की जांच के बाद यह निर्णय लिया गया है। राष्ट्रपति सचिवालय ने 30 सितंबर को डीआईजी धर्मेंद्र चौधरी को दिया गया अवार्ड जब्त करने की अधिसूचना जारी की है। धर्मेंद्र चौधरी राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी है और 2004 में ही उन्हें आईपीएस अवार्ड मिला था।
डीआईजी धर्मेंद्र चौधरी 2004 में झाबुआ में एडिशनल एसपी के रूप में पदस्थ थे। उनके द्वारा झाबुआ में एक वांटेड क्रिमिनल का एनकाउंटर किया गया था। इसी मामले में राष्ट्रपति की ओर से 15 मई 2004 को उन्हें वीरता पदक दिया गया। बाद में इस एनकाउंटर पर मानव अधिकार आयोग ने सवाल उठाए। जांच उपरांत एनकाउंटर संदिग्ध निकला, हालांकि राज्य सरकार ने इसे सही माना था। राज्य सरकार के खिलाफ जाकर आयोग ने राष्ट्रपति से इस मामले की शिकायत की थी। डीआईजी श्री चौधरी के अनुसार इस मामले में वे अपना पक्ष सचिवालय और राज्य सरकार के सामने रखेंगे।
