खबर पक्की : 17 जून रतलाम, और वही हुआ जिसका अंदेशा था। नगर निगम जिसको चालानी कार्रवाई बताकर आम जनता पर जुल्म ढा रहा है के विरोध में महू रोड फव्वारा चौक पर फल सब्जी वालों के गुस्से का ज्वालामुखी फूट पड़ा। आज जैसे नगर निगम का अमला चालानी कार्रवाई के लिए पहुंचा किसी के ₹100 किसी के ढाई सौ किसी के 500 की रसीद बनाने लगा तो सारे दुकानदार विरोध में उतर आए और फल सब्जी फ्रूट सड़क पर फेंकने लगे महिला सब्जी विक्रेताओं ने जहर खाने की चेतावनी देते हुए निगम की चालानी कार्रवाई का विरोध किया। पिछले ढाई महीने से लॉक डाउन के कारण वैसे ही गरीब तबके का बहुत नुकसान हो चुका है उसके ऊपर जिला प्रशासन के आदेश पर नगर निगम द्वारा जो चालानी कार्रवाई की जा रही है उससे छोटे दुकानदारों और रेहड़ी पटरी वालों मैं बहुत आक्रोश है। जनप्रतिनिधि और राजनीतिक नेतृत्व ने अगर इस आक्रोश को गंभीरता से नहीं लिया तो किसी भी दिन कोई बड़ी घटना हो जाएगी। निगम प्रशासन और जिला प्रशासन को समझना होगा 10, 5 हजार रुपए महीना कमाने वाले लोग आए दिन इस तरह चालान के पैसे नहीं दे सकते। और जब आदमी के जीवन मरण का प्रश्न उत्पन्न होता है तो वह मरने मारने पर उतारू हो जाता है। जिला कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम अभी स्वयं निगम प्रशासक है तो उनको शहर के गरीब फुटकर विक्रेताओं के हित में तुरंत नगर निगम को निर्देश देकर इस तरह की कार्रवाई पर रोक लगाना चाहिए। इससे जिले और स्वयं उनकी छवि को धक्का पहुंच रहा है। बगैर नियम कायदों के अंग्रेजों के तर्ज पर मनमाने लगान की तरह हो रही चालानी कार्रवाई से आम जनता और व्यापारियों में बहुत आक्रोश है। कोरोना को रोकने के बाद जिला प्रशासन ने जो साख कमाई है ऐसा ना हो निगम की चालानी कार्रवाई उस साख पर बट्टा लगा दे।
