प्रकाश लोढ़ा @ रतलाम
खबर पक्की : 3 जून रतलाम, मानवसेवा के लिए मोहनखेड़ा की पुण्य धरा को अमर करने वाले ख्यात सन्त ,जीवदया के प्रेमी,मोहनखेड़ा तीर्थ के प्रमुख,ज्योतिष आचार्य परम पूज्य गुरुदेव गच्छादिपति आचार्य देवेश श्रीमद ऋषभचंद्र सूरीश्वरजी महाराज साहब का देवलोकगमन न केवल जैन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है बल्कि उनके सम्पूर्ण जीवदया प्रेमियों तथा उनसे जुड़े जैन एव जेनेत्तर के लिए बड़ा आघात है। मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने भी ट्वीट कर दुःख जताया है।
इस कोरोनकाल के विकट समय में पूज्य गुरुदेव ने मोहनखेड़ा के पावन भूमि पर कोविड केअर सेन्टर की स्थापना कर पीड़ितों को राहत दिलवाने में अग्रणी भूमिका निभाई । यही नही यहां पर ज़रूरतमन्द लोगों की भोजन की व्यवस्था
, गोशाला,राजेन्द्र जैन इंटरनेशनल स्कूल ,चिकित्सालय आदि गतिविधियां का संचालन अनवरत जारी है।
*कई दिग्गज आशीर्वाद लेने आए*
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मोहनखेड़ा तीर्थ के प्रेरक रहे संत आचार्यश्री ऋषभचन्द्र सूरीश्वरजी से दोनो प्रमुख दलो भाजपा , कांग्रेस के दिग्गजों की निकटता रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी , मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, दिग्विजयसिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया, उद्योगपति गौतम अडाणी, अभिनेत्री हेमा मालिनी, अभिनेता सनी देओल, मशहूर गायक दलेर मेहंदी सहित कई फिल्मी हस्तियां भी मोहनखेड़ा आचार्यश्री का आशीर्वाद लेने आ चुके हैं।
*3 दिन में यहां 300 बेड का अस्पताल बनवा दिया*
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संत आचार्य श्री ऋषभचन्द्र सूरीश्वर जी जीवन भर मानव सेवा का पर्याय रहे। कोरोना का कहर देखा तो उन्होंने महज 3 दिन में यहां 300 बेड का अस्पताल बनवा दिया। कोरोना को लेकर उन्होंने भविष्यवाणी की थी कि 23 मई के बाद इसका असर कम होगा। साथ ही यह भी चेताया था कि अभी कुछ साल हम सभी को सजग होकर रहना होगा।
*मोहनखेड़ा को जैन तीर्थ के साथ पूरे समाज को जोड़ा*
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आचार्यश्री सूरीश्वर जी के मन में युवावस्था से जनसेवा का अनूठा जज्बा था। वे मोहनखेड़ा को जैन तीर्थ के साथ समग्र समाज को जोड़ना चाहते थे। अपने इस अभियान में वे बहुत कुछ सफल भी हुए।सभी समाज के लिए उन्होंने 1984 में मानव सेवा चिकित्सालय की स्थापना की जो आज संपूर्ण क्षेत्र में सेवा का पर्याय बन चुका है। उनके सानिध्य में सैकड़ों नेत्र शिविर, चिकित्सा शिविर, विकलांगों के लिए शिविर, उनके उपकरण, अपाहिजों को ट्राइसिकल, महिलाओं को हर वर्ष जन्मदिन पर सैकड़ों सिलाई मशीनें, गरीबों को अनाज, कटे फटे होठों के निशुल्क ऑपरेशन शिविरों का आयोजन किया गया। तीन दिन में 300 बेड के करोना कोविड सेंटर का इंतजाम, समाज जनों के आर्थिक विकास के लिए बैंकों की स्थापना आदि कई कार्य किए।
*सटीक भविष्यवाणी के लिए भी चर्चित रहे*
भविष्यवाणी को लेकर भी उनका आकलन सटीक बैठता था। कोरोना और उज्जैन सिंहस्थ में आंधी तूफान की घटनाओं को लेकर उन्होंने भविष्यवाणियां की थी जो सटीक बैठी थीं। आचार्य ऋषभचंद्र सूरीश्वरजी ने कोरोना को लेकर भविष्यवाणी की थी। उन्होंने कहा था कि यदि अप्रैल से मई के बीच आंधी, तूफान, ओलावृष्टि और बारिश होती है तो विश्वव्यापी कोरोना वायरस की बीमारी खत्म होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा था कि 31 जुलाई के बाद मौत के आंकड़ों में 90 प्रतिशत तक की गिरावट आएगी। इसके अलावा विश्व के अनेक देशों में भूकंप, समुद्री तूफान सुनामी आदि से जनता को कष्ट सहन करना होंगे। इस महामारी से सावधानी व सुरक्षा के नियमों का पालन करते हुए बचा जा सकता है। आचार्य श्री की पार्थिव देह का अंतिम संस्कार कल प्रातः 6:00 से 8:00 के बीच मोहनखेड़ा तीर्थ पर ही होगा।
