रतलाम। जैन समाज की प्रतिष्ठित संस्था धर्मदास जैन श्रीसंघ की करोड़ो रूपए कीमत की संपत्तियों पर नया विवाद शुरू हो गया है। श्रीसंघ के सदस्य परिवारों का आरोप है कि ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों ने समाज की लगभग 100 करोड़ रूपए कीमत की संपत्तियों पर अलग-अलग निजी ट्रस्ट बनाकर कब्जा करने की कोशिश की है। समाज की संपत्तियों को इनसे मुक्त कराया जाए साथ ही अमानत में खयानत का आपराधिक प्रकरण भी दर्ज किया जाए।
धर्मदास जैन श्रीसंघ रतलाम शहर की बहुत ही प्रतिष्ठित संस्था है। इस संस्था की रतलाम सहित इंदौर में भी कई संपत्तियां है। रतलाम शहर में श्रीसंघ से जुड़े करीब 600 परिवार निवास करते है। गुरूवार शाम समाज के इन परिवारों के सदस्य सामूहिक रूप से कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और एसडीएम शहर नेहा भारती को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को बताया गया कि समाज के लोगों द्वारा चुनी गई धर्मदास जैन श्रीसंघ की कार्यकारिणी के पूर्व पदाधिकारियों से ही कुछ ने समाज की संपत्तियों पर निजी ट्रस्ट बनाकर कब्जा करने का प्रयास किया है। समाज के परिवारों को इसकी जानकारी अब जाकर लगी है। इस ज्ञापन के साथ 6 उन संपत्तियों का ब्योरा भी दिया गया है जो समाज की है लेकिन अब निजी ट्रस्ट पर इनका कब्जा है। ज्ञापन के माध्यम से निजी ट्रस्ट को अवैध घोषित करने, समाज की संपत्तियों को कब्जा करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की गई।
समाज की इन संपत्तियों पर निजी ट्रस्टों पर कब्जा
1- श्रीधर्मदास जैन मित्र मंडल, बजाज खाना। ट्रस्टी- निहालचंद गांधी, रमणलाल बोहरा व अन्य
2- श्रीकृष्ण जैन महिला कला केंद्र सुभाष मार्ग। ट्रस्टी- कांतिलाल मंडलेचा, मगनलाल रूनवाल व अन्य
3- श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ ट्रस्ट बोर्ड बजाज खाना। ट्रस्टी- महेंद्र चाणोदिया व अन्य
4- श्री सौभाग्य साधना एवं जनकल्याण परिसर सागोद रोड़। ट्रस्टी- सुरेंद्र गादिया, आनंदीलाल गांधी व अन्य
5- श्री धर्मदास कृष्ण स्मृति सुकृत ट्रस्ट राजमोहल्ला इंदौर। ट्रस्टी- निहालचंद गांधी, चंदनमल चौरड़िया
6- श्री सौभाग्य जैन परमार्थिक न्यास बजाजखाना।
