रतलाम। रतलाम स्थित कलेक्टर कार्यालय के एटीएम से 21 लाख रूपए चोरी हो जाने की घटना के कुछ दिन बाद ही अब जावरा के भी एक एटीएम से 17 लाख रूपए चोरी होने का खुलासा हुआ है। इस वारदात में वे ही लोग शामिल है जिन्होंने कलेक्टर कार्यालय के एटीएम में चोरी की थी। जावरा के एटीएम से अलग-अलग अवधि में रूपयों की चोरी की गई। बैंकअधिकारियों की जांच में खुलासा हुआ कि रूपए चोरी होने के मामले में रूपए लोड करने वाली कंपनी सेफगार्ड का ऑडिटर भी शामिल है, एटीएम से रूपए कम होते रहे और ऑडिटर हिसाब में गढ़बढ़ी कर इस पर पर्दा डालता रहा।
इसी महीने 2 तारीख को कलेक्टर कार्यालय स्थित एटीएम से 21 लाख रूपए चोरी हुए थे। पुलिस ने तत्परता बरतते हुए 72 घंटे में ही मामले का खुलासा कर दिया। रूपए चोरी करने वाले लोग एटीएम में रूपए लोड करने वाली एजेंसी सेफ गार्ड के ही कर्मचारी निकले। 4 आरोपी कमलेश पिता शंकरलाल मालवीय, हरीओम पिता रमेश मालवीय, हरीओम पिता कालूराम मालवीय और अनिल पिता भेरूलाल चौहान निवासी ग्राम धामेड़ी को गिरफ्तार किया गया। कमलेश इस वारदात का मास्टरमाइंड था। वहीं जावरा में भी एटीएम में रूपए लोड करने का काम करता था। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद बैंक ने अपनेस्तर पर भी जांच शुरू की थी। बैंक अधिकारियों को पता चला है कि कमलेश ने ऑडिटर की मिलीभगत से जावरा स्थित एटीएम से भी अलग-अलग समय में 17 लाख रूपए चुराए है। यह गलती इसलिए तत्काल नहीं पकड़ी जा सकी क्योंकि ऑडिटर हिसाब में गढ़बढ़ी कर पर्दा डाल देता था। यह ऑडिटर भी कमलेश का रिश्तेदार ही है और इसी ने कमलेश को सेफ गार्ड कंपनी में नौकरी पर रखवाया था। गुरूवार को बैंक के अधिकारियों ने एसपी अमित सिंह से मुलाकात कर जावरा स्थित एटीएम से भी रूपए चोरी होने की जानकारी दी। एसपी सिंह के अनुसार इस मामले में भी जांच के उपरांत जावरा थाने में आरोपियों के खिलाफ एक ओर प्रकरण दर्ज किया जाएगा।
मामूली तनख्वाह लेकिन घर रईसों जैसा
वारदात के मास्टर माइंड कमलेश को सेफ गार्ड कंपनी से मामूली तनख्वाह मिलती थी। एसपी अमित सिंह के अनुसार मामूली तनख्वाह के बावजूद उसका घर सम्पन्न परिवारों के घर जैसा है। घर में सुख सुविधा का हर सामान मौजूद है जबकि उसकी आय का कोई दूसरा स्त्रोत नहीं है। इसी से साफ हो जाता है कि कमलेश और उसके साथी पिछले लंबे समय से एटीएम में पासवर्ड डालकर रूपयों की चोरी में लगे हुए थे।
