रतलाम। लूट और चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले 4 अपराधियों के एक गिरोह को गिरफ्तार करने में रतलाम पुलिस ने सफलता पाई है। इस गिरोह के सदस्यों के पास से 10 मोटरसाइकिलों सहित करीब 10 लाख रूपए का चोरी का सामान जब्त किया गया है। चारों ही अपराधी वारदातों को अंजाम देने के बाद जो रूपए हांसिल होते उनसे महंगे शोक पूरे करते थे। हर रोज बियर पीना, महंगे होटल्स में खाना और ऐशो आराम की जिंदगी जीना, बस यहीं इन्हें भारी पड़ गया। मुखबीर की नजर में आए और पुलिस के हत्थे चढ़े तो एक के बाद एक कई सारी वारदातों का खुलासा हो गया।
गुरूवार को एसपी अमित सिंह, एएसपी डा. राजेश सहाय ने मीडिया के माध्यम से इन वारदातों का खुलासा किया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम जितेंद्र पिता जगदीश भाटी निवासी झरखेड़ी, सुरेश पिता राधेश्याम डामर निवासी अथमनपाड़ा, राकेश पिता गुड्डू पारगी निवासी गुर्जरपाड़ा और सुनील पिता अमृतलाल मकवाना निवासी गुर्जरपाड़ा है। इन आरोपियों ने ही इसी साल 13 मई को बिरमावल में पेट्रोल पंप संचालक अरूण नांदेचा के साथ मारपीट कर 45 हजार रूपए लूटे थे। इस प्रकरण में पुलिस ने 12 हजार रूपए जब्त भी कर लिए है। आरोपियों से रतलाम सहित इंदौर, उज्जैन और धार की मोटरसाइकिल चोरी का भी खुलासा हुआ है। आरोपियों के पास से पुलिस ने 10 मोटरसाइकिल सहित 10 सबमर्सिबल पंप, 8 बोरी सोयाबीन, कीटनाशक दवाईयां, स्प्रे पंप, जनरेटर, केबल, पाईप और गैस टंकी व चूल्हा जब्त किया है। एसपी अमित सिंह के अनुसार आरोपियों से अन्य भी वारदात के बारे में पूछताछ की जा रही है और पूरी संभावना है कि इनसे ओर कई वारदातों का खुलासा हो सकेगा।
कीटनाशक बेचते हुए पकड़े गए थे आरोपी
चारों आरोपियों की ऐशो आराम की जिंदगी इन्हें पुलिस की नजरों में ले आई थी लेकिन पुलिस के पास इन्हें अरेस्ट करने के लिए कोई ठोस कारण नहीं था लिहाजा नजर रखना शुरू किया गया। आरोपी जितेंद्र और सुरेश पर निगरानी के दौरान पता चला कि दोनों ही कुछ कीटनाशक दवाईयों को बेचने के लिए सातरूंडा चौराहे पर पहुंचे है, यही से पुलिस ने इन्हें दबोचा और पूछताछ की तो पता चला कि उक्त दवाईयां शिव भोला कृषि केंद्र से चुराई गई थी। फिर क्या था, पुलिस की पूछताछ आगे बढ़ी और एक के बाद एक कई वारदातों का खुलासा होता चला गया।
