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शहर में दूरसंचार टावर लगाने के लिए आए आवेदनों पर बैठक में विचार-विमर्श किया गया

BySurendra Jain

Oct 19, 2020

खबर पक्की, 20 अक्टूबर, रतलाम। रतलाम शहर में विभिन्न दूरसंचार कंपनियों के टावर लगाने के लिए प्राप्त हुए आवेदनों पर विचार-विमर्श के लिए बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित हुई। सोमवार को आयोजित जिला स्तरीय दूरसंचार समिति की बैठक में 10 आवेदनों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े, निगमायुक्त सोमनाथ झारिया, कार्यपालन यंत्री पीडब्ल्यूडी दीपेश गुप्ता, कार्यपालन यंत्री पीएमजीएसवाई आर.एस. तोमर, जिला ई-गवर्नेंस मैनेजर नरेंद्रसिंह चौहान एनआईसी अधिकारी चौहान आदि उपस्थित थे।
बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती भिड़े द्वारा समिति के सदस्य अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि उनके विभाग से संबंधित मानदंडों के अनुसार अध्ययन करते हुए प्राप्त आवेदनों पर अपनी अनुशंसा अथवा अभिमत प्रस्तुत करें। सभी संबंधित विभागों के अभिमत पश्चात आवेदनों पर एनओसी देने के लिए आगामी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती भिड़े ने उपस्थित दूरसंचार प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि बगैर एनओसी के वे टावर स्थापना का कार्य आरंभ नहीं करें। टावर जिस भूमि पर लगाए जाना है वहां एनओसी के लिए शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों का कड़ाई से पालन किया जाएगा।
बताया गया की भवनों पर टावर स्थापना के लिए स्थायित्व प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से कंपनियों को देना होगा। आवेदक उस प्रस्तावित भवन की संरचना का जहां पर टावर खड़ा किया जाना है, मध्यदेश भूमि विकास नियम 2012 के नियम 26 के उपबंधों के अनुसार सक्षम अभियंता या वास्तुविद से सुरक्षा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेगा। टावर की स्थापना, मरम्मत, अनुरक्षण के संबंध में अनुज्ञापन प्राधिकारी को सूचना प्रदान किया जाना होगी। आवेदक द्वारा कोई भी खुदाई या उत्खनन किए जाने के पूर्व अनुज्ञप्तिधारी अनुज्ञापन प्राधिकारी को सूचना देना होगी। आवेदक का यह भी व्यक्तिगत उत्तरदायित्व होगा कि वह प्रभावित क्षेत्रों को उसकी वास्तविक अवस्था में वापस लाएं। कार्य के निष्पादन के दौरान अनुज्ञप्तिधारी सार्वजनिक एवं शासकीय लोक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
अनुज्ञप्तिधारी के लिए यह अनिवार्य होगा कि वह दूरसंचार विभाग अथवा भारत सरकार के सक्षम प्राधिकारी द्वारा नियत किए गए विकिरण उत्सर्जन मानकों का सख्ती से पालन करेगा। विकिरण उत्सर्जन के संबंध में आवश्यक अनापत्ति दूरसंचार विभाग भारत सरकार से प्राप्त करने का दायित्व संबंधित आवेदक कंपनी का होगा। विकिरण उत्सर्जन से संबंधित शिकायतें दूरसंचार विभाग अथवा भारत सरकार के सक्षम प्राधिकारी द्वारा निश्चित की जाएंगी। उसका पालन करना प्रत्येक दूरसंचार कंपनी के लिए अनिवार्य होगा। स्थल विशेष के लिए उपयुक्त अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त किए बिना कोई अनुज्ञप्ति जारी नहीं की जा सकेगी। इसके अलावा आवेदक के लिए अनिवार्य होगा कि भारत सरकार दूरसंचार विभाग द्वारा निर्देशित किए गए सहज दृश्य स्थान पर सुरक्षा और विकिरण से संबंधित निर्देशों को प्रदर्शित करने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाएगा। अनुज्ञप्ति धारण करने वाली कंपनी के स्वामित्व में परिवर्तन होने की दशा में आवेदक को दी गई अनुज्ञप्ति का स्थानांतरण नहीं किया जाएगा।
बताया गया कि नगरीय क्षेत्र में भूमि की कमी तथा स्कूलों में भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक संस्थाओं के परिसरों, शासकीय चिकित्सालय और सार्वजनिक उद्यान और खेल के मैदानों में अवसंरचना संस्थापित करने के लिए अनुज्ञप्ति प्रदान नहीं की जाएगी।

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