खबर पक्की : 7 मार्च भोपाल, मध्यप्रदेश में चल रहे सियासी ड्रामे के सिलसिले में आज मुख्यमंत्री कमलनाथ की जनता के नाम एक चिट्ठी सामने आ गई। कमलनाथ ने इस पत्र के जरिए बीजेपी पर लांक्षन लगाए हैं और उसकी घोर निंदा की है। उन्होंने कहा है कि भाजपा नेताओं ने न सिर्फ प्रदेश सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की है, अपितु प्रदेश के विकास पर भी सीधा आक्रमण किया है। उन्होंने भाजपा नेताओं से अनुरोध किया है कि वे सत्ता की भूख का प्रदर्शन इस तरह न करें कि लोगों का प्रजातंत्र पर से भरोसा ही उठ जाए. कमलनाथ ने कहा है कि ”मैं प्रार्थना करता हूं कि हनुमान जी भाजपा को मर्यादा, संयम और चरित्रबल दें, ताकि हम सब पक्ष और प्रतिपक्ष मिलकर प्रदेश के विकास के स्वप्न को साकार कर सकें।”
सीएम कमलनाथ का पत्र
प्रिय प्रदेशवासियो,
मैं यह कभी कल्पना भी नहीं कर सकता था कि सत्ता की लोलुपता भाजपा के नेताओं को इस क़दर नैतिक पतन की ओर ले जाएगी कि वे प्रदेश के नागरिकों के प्रजातंत्रीय निर्णय की ही सौदेबाजी करने लगेंगे।
आज सचमुच भाजपा नेताओं के इस अशोभनीय आचरण ने मध्यप्रदेश के गौरवशाली इतिहास और वैभवशाली विरासत को कलंकित करने की कोशिश की है।
मैं हतप्रभ हूं कि भाजपा को आखिर इस कदाचरण की प्रेरणा मिली कहां से है? क्या ये लोग उन माफ़ियाओं से प्रेरित हैं जिन्हें मैं जड़ से मिटा देना चाहता हूं? क्या ये लोग उन मिलावटखोरों के प्रभाव में है जिनसे मैं प्रदेश को मुक्त करने का संकल्प ले चुका हूं? क्या इन्होंने इस षड्यंत्र की कुचेष्टा उन रेत माफियाओं और वसूली माफियाओं के साथ मिलकर की है जिनके खिलाफ मैने लड़ाई का शंखनाद किया है और प्रदेश के राजस्व को पांच गुना बढ़ाकर रेत माफियाओं की कमर तोड़ दी है?
आज प्रदेश भाजपा नेताओं ने न सिर्फ प्रदेश सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की है, अपितु उन्होंने प्रदेश के विकास पर सीधा आक्रमण किया है। प्रदेश में धीरे-धीरे आ रहे निवेश और उसकी असीम संभावनाओं को आघात पहुंचाने की धृष्टता की है, किसानों की कर्ज माफी और उनके उज्ज्वल भविष्य पर वार किया है, युवाओं के रोजगार के सुनहरे अवसरों पर प्रहार किया है।
कमलनाथ का जनता के नाम पत्र : बीजेपी को जमकर लताड़ा, सत्ता की भूख का प्रदर्शन इस तरह न करें कि…
