खबर पक्की: 27 जनवरी रतलाम, शांति लाल पितलिया द्वारा उनके मकान को नगर निगम द्वारा बगैर सूचना दिए नापने और उस उपरांत धारा 307 का नोटिस देने पर उस नोटिस को पितलिया द्वारा हाई कोर्ट में चैलेंज किया गया था। इंदौर उच्च न्यायालय के विद्वान न्यायाधीश एससी शर्मा ने पितलिया की रिट पिटिशन पर नगर निगम को निर्देश दिया है कि निगम द्वारा पितलिया को दिए गए नोटिस और उसके उपरांत पितलिया द्वारा दिए गए जवाब के मद्देनजर 30 दिन में विधि संगत आदेश पारित करें और आदेश पारित होने तक पितलिया के मकान को किसी भी प्रकार बलपूर्वक नुकसान नहीं पहुंचाया जाए। माननीय उच्च न्यायालय के इस आदेश के अंतर्गत अब नगर निगम पितलिया के कंपाउंडिंग आवेदन पर फैसला किए बिना कोई भी तोड़फोड़ नहीं कर सकता। ज्ञातव्य है कि नगर निगम द्वारा माफिया के खिलाफ चलाए अभियान की आड़ में शहर के गिने-चुने लोगों को चुन चुन कर M 0S के विपरीत बने निर्माण को लेकर नोटिस दिए जा रहे थे जिसको लेकर शहर के संभ्रांत जनों में नाराजगी थी इस तरह के क्रियाकलापों को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ और मुख्य सचिव एसआर मोहंती ने भी नाराजगी जाहिर करते हुए संभाग आयुक्तों को पत्र लिखा है।
