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वेतन रोकना है तो बड़े अधिकारियों का रोको कमलनाथ जी छोटे कर्मचारियों का जीवन क्यों दुःख मय बना रहे हो।

BySurendra Jain

Jan 25, 2020

खबर पक्की: 25 जनवरी रतलाम, कमलनाथ सरकार की आर्थिक स्थिति वाकई दयनीय है यूं तो शिवराज सरकार पहले से ही प्रदेश सरकार को विरासत में कर्ज़ के दलदल मैं छोड़ गई थी। उस पर कमलनाथ सरकार ने कर्ज माफी करके इसकी स्थिति को और करेला और नीम चढ़ा कर दिया है। यही कारण है कि प्रदेश के अनेक जिलों में कर्मचारियों को वेतन के लाले पड़ गए हैं। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग के अंतर्गत जिले के बाजना सैलाना विकासखंड में तृतीय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 3 से लेकर 7 महीने तक की तनख्वाह बंटना बाकी है और इस आर्थिक तंगी के कारण कर्मचारियों का जीवन निर्वाह मुश्किल होता जा रहा है किसी के घर में शादी है तो किसी के घर में फीस भरना है तो किसी के घर में डिलीवरी करना है सब जरूरी कामों के लिए कर्मचारियों को महंगे भाव पर कर्ज लेना पड़ रहा है जिसके कारण उनकी आर्थिक स्थिति चरमराती जा रही है। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास परिहार ने चर्चा में बताया कि बजट आवंटन के लिए सरकार को लिख रखा है लेकिन नहीं आ रहा तो मैं क्या करूं उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति उन्होंने जीवन में पहली बार देखी है पूरे जिले का लगभग कर्मचारियों का 70,80 लाख वेतन बकाया है जो सब छोटे कर्मचारियों का है। कांग्रेस नेताओं को प्रदेश सरकार तक यह बात पहुंचाना चाहिए कि कमलनाथ जी अगर वेतन रोकना ही है तो बड़े अधिकारियों का रोको क्योंकि उनके पास गाड़ी बंगला और भरमार वेतन है अगर दो चार 4 महीने नहीं भी मिलेगा तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा किंतु छोटे कर्मचारियों को तो वेतन समय पर दो क्योंकि उनका तो जीवन मरण इसी पर है।

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