खबर पक्की :14 जनवरी रतलाम, नगर निगम द्वारा Mo S के खिलाफ चुन-चुन कर लोगों को दिए जा रहे नोटिस के तारतम्य में कल 13 जनवरी को सप्तम सिविल न्यायाधीश वर्ग दो बबीता प्रजापत द्वारा होटल नारायणी पैलेस के मामले में अंतिम आदेश होने तक स्टे प्रदान कर दिया। ज्ञातव्य है कि नगर निगम रतलाम द्वारा 18 दिसंबर को होटल नारायणी पैलेस को नगर पालिक निगम अधिनियम की धारा 436 के अंतर्गत M S को लेकर 6 घंटे में अतिरिक्त निर्माण हटाने का नोटिस दिया था इस नोटिस के खिलाफ नारायणी पैलेस के पार्टनर रमेश तिवारी और अन्य 3 कोर्ट गए थे विद्वान न्यायाधीश बबीता प्रजापत ने अपने आदेश में लिखा की सुविधा का संतुलन आवेदक के पक्ष में होने और अपूर्णीय क्षति होने के दृष्टिगत नगर निगम कोई यह आदेश दिया कि मामले में अंतिम आदेश होने तक होटल नारायणी पैलेस में कोई तोड़फोड़ नहीं करें। ज्ञातव्य के मध्य प्रदेश सरकार द्वारा माफियाओं के खिलाफ बड़े शहरों में चलाए जा रहे अभियान अभियान को लेकर प्रदेश के अन्य शहरों में भी माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई प्रारंभ की थी किंतु माफियाओं के साथ-साथ आम जनता को भी इसके लपेटे में लिया जा रहा था उसी संदर्भ में शहर के कई लोगों को चुन चुन कर इस बारे में नोटिस दिये गए थे जिसको लेकर शहर की जनता में असंतोष व्याप्त था निगम प्रशासन की इस मनमानी कार्रवाई के खिलाफ कई लोग कोर्ट चले गए और उसी में यह पहला फैसला आया है।
