रतलाम। जिला प्रशिक्षण केंद्र विरियाखेडी में आगामी 19 जनवरी को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय पल्स पोलियो दिवस के संबंध में विभागीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. प्रभाकर ननावरे ने बताया कि पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को बूथ पर ही दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। छूटे बच्चों को ही घर-घर जाकर दवा पिलाई जाएगी।
डब्ल्युएचओ की सर्वेलेंस मेडिकल आफिसर डा. स्वाति मित्तल ने बताया कि भारत में पोलियो का अंतिम मामला वर्ष 2011 में मिला था। म. प्र. में जबलपुर में 2008 में, रतलाम में 2007 में तथा झाबुआ में वर्ष 2006 में पोलियो का अंतिम केस प्रतिवेदित हुआ है। भारत की सीमा से सटे देशों पाकिस्तान, अफगानिस्तान और नाईजीरिया में अभी भी पोलियो के केस सामने आ रहे हैं। पोलियो वाईरस के ट्रांसमिशन से बचने के लिए 19 जनवरी को पोलियो के एक चरण के रूप में टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। टीकाकरण कार्यक्रम की सफलता के लिए आवश्यक माईक्रोप्लान तैयार करके हाई रिस्क क्षेत्रों ईंट भट्टों, रेल्वे स्टेशन, बस स्टेंड, पहुचविहीन क्षेत्रों की पहचान करने अंर्तविभागीय समन्वय करके शत-प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित कराने के संबंध में निर्देशित किया गया।
स्वशासी मेडिकल कालेज के पीएसएम विभाग के चिकित्सक डा. पांडे ने बताया कि मेडिकल कालेज के प्रशिक्षु चिकित्सक भी पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत अपनी सेवाऐं प्रदान करेंगे। जिला टीकाकरण अधिकारी डा. वर्षा कुरील ने बताया कि कार्यक्रम की सफलता के लिए माइक्रोप्लान रीढ की हडडी है, अत: सही कार्ययोजना बनाने से ही शत-प्रतिशत बच्चों को टीकाकरण किया जा सकेगा। कार्यशाला में आशीष चौरसिया, डा. प्रमोद प्रजापति, बीएमओ डा. प्रतिभा शर्मा, डा. जितेन्द्र जायसवाल, डा. दीपक पालडिया, डा. शेलेष डांगे, कोल्ड चेन मैनेजर सैयद अली, श्री निलेश चौहान, रेल्वे के चिकित्सा अधिकारी, विकासखंडों के बीईई, सुपरवाईजर, एलएचवी एवं अन्य विभागीय स्वास्थ्य कर्मचारी आदि उपस्थित रहे। आभार डीपीएम डा. अजहर अली ने व्यक्त किया।
19 जनवरी को पोलियो दवा पिलाई जाएगी
