रतलाम। जिला अस्पताल में पदस्थ एक नर्स ने शुक्रवार सुबह अस्पताल के ही डॉक्टर के खिलाफ मारपीट करने के आरोप लगाए है। डॉक्टर और नर्स के बीच मरीज को गलत दवा देने को लेकर विवाद हुआ था। इस घटनाक्रम के बाद नर्स ने जिला अस्पताल की पुलिस चौकी में डाक्टर के खिलाफ शिकायती आवेदन दिया है।
वाकया शुक्रवार दोपहर करीब 12.30 बजे का है। जिला अस्पताल के दवा वितरण केंद्र पर पदस्थ नर्स पद्मिनी नितिन भाऊ ने डॉ. शेलेंद्र माथुर पर मारपीट का आरोप लगाया है। नर्स का कहना है कि वह दवा वितरण केंद्र पर अपना काम कर रही थी इसी दौरान डा. माथुर आए और मेरे साथ अभद्रता करते हुए मारपीट की। दरअसल, डा. माथुर ने एक मरीज के लिए दवा पर्ची लिखी थी। यह मरीज जब वितरण केंद्र से दवा लेकर वापस डा. माथुर के पास पहुंचा तो पता चला कि जो दवाएं डाक्टर ने लिखी थी वे मरीज को दी ही नहीं गई थी। मरीज को दूसरी दवा दिए जाने से नाराज होकर डाक्टर नर्स पद्मिनी के पास पहुंचे थे। इस मामले में डा. माथुर ने मीडियाकर्मियों को बताया कि उन्होंने नर्स के साथ मारपीट नहीं की है, इतना जरूर है कि दूसरी दवा दिए जाने पर नाराजगी जरूर व्यक्त की थी। नर्स द्वारा लगाए गए आरोप गलत है।
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लूट के आरोप में जेल से छूटा और चोरी कर डाली
रतलाम। ओद्योगीक थाना क्षैत्र अंतर्गत एक व्यक्ति के सूने मकान का ताला तोड़कर एक बदमाश हजारों का सामान चोरी कर ले गया। पुलिस ने इस मामले में चोरी के आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया और चोरी का सामान भी बरामद कर लिया गया। आरोपी लूट के एक मामले में इंदौर जेल में बंद था और कुछ दिन पहले ही जमानत पर रिहा हुआ था।
पुलिस ने लक्ष्मणपुरा निवासी मांगीलाल पिता रतनलाल पंडित की शिकायत पर कमल उर्फ कमलेश के खिलाफ धारा 457, 380 के तहत चोरी का प्रकरण दर्ज किया है। फरियादी मांगीलाल पंडित लक्ष्मणपुरा में अकेले रहते है। 13 जुलाई को वे अपनी बेटी के यहां गए थे। सूना मकान पाकर चोर ने घर का ताला तोड़कर एक टीवी, सेट टॉप बाक्स, फ्रीज सहित करीब तीस हजार रुपए का सामान चोरी कर लिया। इस मामले में शिकायत दर्ज किए जाने के बाद पुलिस को मुखबिर से आरोपी के सबंध में सूचना मिली, जिसके आधार पर आरोपी को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी का सामान भी बरामद कर लिया। पुछताछ में आरोपी ने बताया कि वह लूट के मामले में इंदौर जेल में बंद था, हाल ही में छुटा था। उसके पास पैसे नहीं थे, इसलिए उसने चोरी की। इसके लिए एक ऑटो रिक्शा वाले को सौ रुपए देकर मकान से सामान खाली करने को कहा और फरियादी के मकान का ताला तोड़कर सामान आटो में रखकर अपने घर ले गया।
